UAE ने Pakistan को कर्ज चुकाने के लिए दिया सिर्फ 1 महीने का वक्त, 6.5% ब्याज पर बनी बात
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को थोड़ी राहत देते हुए उसके 2 अरब डॉलर (2 Billion Dollar) के कर्ज को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह कर्ज 6.5% की ब्याज दर पर रोलओवर किया गया है। पाकिस्तान के लिए यह राहत बहुत जरूरी थी क्योंकि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर तुरंत दबाव नहीं आएगा। यह फैसला दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत के बीच लिया गया है।
कर्ज चुकाने की नई शर्त और ब्याज दर
पाकिस्तान के स्टेट बैंक (SBP) में जमा UAE के 2 अरब डॉलर की अवधि जनवरी 2026 के मध्य में खत्म हो रही थी। अब इसे फरवरी 2026 के अंत तक के लिए बढ़ा दिया गया है। पाकिस्तान सरकार ने कोशिश की थी कि इस कर्ज को दो साल के लिए आगे बढ़ाया जाए और ब्याज दर को घटाकर 3% कर दिया जाए।
फिलहाल जो फैसला हुआ है, उसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- ब्याज दर: पाकिस्तान को इस रकम पर 6.5% का ब्याज देना होगा।
- समय सीमा: कर्ज चुकाने की अवधि सिर्फ एक महीने के लिए बढ़ाई गई है।
- मांग: पाकिस्तान चाहता था कि ब्याज दर 3% हो, लेकिन अभी पुरानी दर ही लागू रहेगी।
पहली बार हुआ ऐसा छोटा बदलाव
आमतौर पर जब भी UAE पाकिस्तान के कर्ज की अवधि बढ़ाता था, तो वह एक साल के लिए होता था। यह पहली बार है जब सिर्फ एक महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। इसे एक ‘ब्रिज’ या बीच का रास्ता माना जा रहा है ताकि दोनों देशों के अधिकारी लंबी अवधि और कम ब्याज दर पर बातचीत जारी रख सकें।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 7 अरब डॉलर के प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान को अपने विदेशी दोस्तों से वित्तीय मदद की गारंटी दिखानी होती है। अगर यह पैसा वापस चला जाता, तो पाकिस्तान के लिए IMF की शर्तें पूरी करना मुश्किल हो जाता। फिलहाल इस एक महीने के दौरान पाकिस्तान को UAE के साथ अपनी शर्तों पर सहमति बनानी होगी।




