Abu Dhabi में रूस और यूक्रेन के बीच महा-मीटिंग का दूसरा दिन, ट्रम्प के दामाद करा रहे हैं फैसला
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी Abu Dhabi में यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच बातचीत का दौर जारी है। गुरुवार को दूसरे दिन की अहम बैठक शुरू हो गई है जिसका मुख्य मकसद चार साल से चल रहे भीषण युद्ध को रोकना है। इस बातचीत में अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति Donald Trump के दामाद Jared Kushner और विशेष दूत Steve Witkoff मध्यस्थता कर रहे हैं। पहले दिन की बातचीत को यूक्रेन ने काफी हद तक सही बताया है और कुछ मुद्दों पर बात आगे बढ़ी है।
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रूस और यूक्रेन की क्या हैं मुख्य शर्तें?
बातचीत की मेज पर दोनों देशों ने अपनी-अपनी मांगें रखी हैं जो काफी सख्त हैं। रूस की मांग है कि यूक्रेन Donbas क्षेत्र से अपनी सेना को पूरी तरह हटा ले और जिन इलाकों पर रूस ने कब्जा किया है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस का हिस्सा माना जाए। रूस का कहना है कि जब तक यह शर्तें नहीं मानी जातीं, हमले जारी रहेंगे।
दूसरी तरफ, यूक्रेन ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सेना पीछे नहीं हटाएगा। यूक्रेन चाहता है कि युद्ध को मौजूदा फ्रंट लाइन पर ही रोक दिया जाए यानी सीजफायर हो जाए। इसके साथ ही यूक्रेन ने भविष्य के लिए सुरक्षा की पक्की गारंटी मांगी है ताकि दोबारा हमला न हो।
युद्ध के नुकसान और अब तक का अपडेट
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने जानकारी दी है कि युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक उनके 55,000 सैनिक मारे गए हैं। यह पहली बार है जब युद्ध के बीच इतना बड़ा आंकड़ा आधिकारिक तौर पर बताया गया है। वहीं जमीनी हालात अभी भी खराब हैं। रूस ने हाल ही में यूक्रेन के बिजली घरों पर हमले किए हैं, जिससे माइनस 20 डिग्री की कड़ाके की ठंड में लाखों लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं।
हालांकि, Abu Dhabi में चल रही इस बैठक से कुछ उम्मीद की किरण भी दिखी है। पहले दिन की चर्चा में दोनों देशों के बीच कैदियों की अदला-बदली (Prisoner Exchange) को लेकर सहमति बन गई है।




