ईरान ने दी अमेरिका को खुली धमकी, हमला हुआ तो सैन्य ठिकानों को करेंगे बर्बाद
ओमान की राजधानी मस्कट में हुई गुप्त बातचीत के बाद खाड़ी में माहौल अचानक गर्म हो गया है। शनिवार, 7 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति के खास दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर ने अरब सागर में खड़े अमेरिका के सबसे बड़े जहाज ‘USS अब्राहम लिंकन’ का दौरा किया। इसके जवाब में ईरान ने भी अपनी तैयारी दिखाई है और अमेरिका को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी है।
ℹ️: Raghav Chadha ने संसद में उठाई मांग, फ्लाइट लेट होने पर यात्रियों को मिले हर घंटे का पैसा।
अगर हमला हुआ तो अमेरिकी बेस होंगे निशाना
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका ने कोई भी सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान अपने पड़ोसी देशों को नहीं बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को उड़ा देगा। इस बयान के साथ ही ईरान ने अपनी खतरनाक ‘खुर्रमशहर-4’ (Khorramshahr-4) बैलिस्टिक मिसाइल को बाहर निकाल लिया है और अपनी अंडरग्राउंड जगहों पर तैनात कर दिया है।
बातचीत के दौरान भी दोनों देशों के बीच तल्खी कम नहीं हुई है। ईरान का कहना है कि वह अपनी मिसाइल ताकते कम करने पर कोई समझौता नहीं करेगा, जबकि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने हथियार कम करे और मानवाधिकारों पर बात करे।
समुद्र में आमने-सामने की स्थिति और नए प्रतिबंध
अमेरिकी अधिकारियों के दौरे से ठीक पहले 3 फरवरी को अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी ‘Shahed-139’ ड्रोन को मार गिराया था, जो उनके जहाज के बहुत करीब आ गया था। इसके अलावा 7 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए उसके 14 जहाजों और 15 कंपनियों पर नए कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 फरवरी को एक नए आदेश पर साइन किया है। इसके तहत जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन पर 25% तक का टैक्स लगाया जा सकता है। नीचे दी गई तालिका में पिछले कुछ दिनों की प्रमुख घटनाएं हैं:
| 3 फरवरी | अमेरिकी नौसेना ने ईरानी ड्रोन मार गिराया |
| 6 फरवरी | ओमान में अमेरिका-ईरान की बातचीत और ट्रंप का नया आदेश |
| 7 फरवरी | अमेरिकी दूतों का नौसैनिक बेड़े पर दौरा और नए प्रतिबंध |




