UAE में भारतीयों के लिए नया ई-पासपोर्ट नियम लागू, चिप वाले पासपोर्ट से 5 मिनट में होगा इमिग्रेशन
UAE में रहने वाले करीब 35 लाख भारतीय प्रवासियों के लिए पासपोर्ट को लेकर बड़ी अपडेट आई है। अब भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने नई जनरेशन वाले चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (e-passport) जारी करना शुरू कर दिया है। इस नए सिस्टम को ग्लोबल पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0 के तहत पेश किया गया है। इसमें एक छोटी सी RFID चिप लगी होगी जो एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया को बहुत तेज़ बना देगी और सुरक्षा को भी पहले से मज़बूत करेगी।
नए ई-पासपोर्ट की खास बातें और फीस की जानकारी
इस नए पासपोर्ट में बायोमेट्रिक डेटा जैसे उंगलियों के निशान और चेहरे की पहचान को सुरक्षित रखने के लिए एक चिप लगाई गई है। इस तकनीक की वजह से एयरपोर्ट पर स्मार्ट गेट का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे इमिग्रेशन में लगने वाला 25 मिनट का समय घटकर 5 मिनट से भी कम रह जाएगा। इसकी सबसे बड़ी राहत यह है कि सरकार ने पासपोर्ट की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
- फीस: नए ई-पासपोर्ट के लिए पुराने पासपोर्ट जितनी ही फीस देनी होगी।
- मुफ्त सुधार: BLS International केंद्रों पर अब फॉर्म में छोटी गलतियों को ठीक करने के लिए कोई पैसा नहीं लगेगा।
- सुरक्षा: इसमें उन्नत होलोग्राम और लेजर नक्काशी का इस्तेमाल किया गया है जिससे फर्जीवाड़ा मुमकिन नहीं होगा।
पुराने पासपोर्ट और आवेदन की प्रक्रिया
अगर आपके पास पुराना मशीन-रीडेबल पासपोर्ट है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। आपके पुराने पासपोर्ट उसकी एक्सपायरी डेट तक पूरी तरह वैध रहेंगे। हालांकि, जब आप अपना पासपोर्ट रिन्यू कराएंगे, तब आपको नया ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया को भी अब पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है ताकि लोगों का समय बच सके।
| नियम का नाम | जानकारी |
|---|---|
| लागू होने की तारीख | 28 अक्टूबर 2025 से शुरू |
| जरूरी पोर्टल | mportal.passportindia.gov.in/gpsp |
| पुराना पासपोर्ट | एक्सपायरी तक वैध रहेगा |
| आवेदन का समय | ऑनलाइन रिन्यूअल मात्र 2 मिनट में |
नए पोर्टल पर अब फोटो और सिग्नेचर पहले ही अपलोड किए जा सकेंगे, जिससे BLS सेंटर पर जाकर लाइन में खड़े होने का समय काफी कम हो जाएगा। यह नया पासपोर्ट न केवल UAE बल्कि सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और यूके जैसे देशों में भी ऑटोमेटेड बॉर्डर सिस्टम के साथ काम करेगा।




