Celina Jaitly के भाई की UAE में हिरासत पर हाईकोर्ट सख्त, विदेश मंत्रालय से पूछा क्या सीधी बात हो सकती है
दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई मेजर (रिटायर्ड) विक्रांत कुमार जेटली की संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में हिरासत को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे मेजर विक्रांत और अदालत के बीच वीडियो कॉल के जरिए सीधी बातचीत कराने की संभावना तलाशें। विक्रांत सितंबर 2024 से यानी पिछले 18 महीनों से यूएई की हिरासत में हैं और अदालत उनके स्वास्थ्य और जरूरत के बारे में खुद जानकारी लेना चाहती है।
अदालत ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि 12 फरवरी तक यह जानकारी दी जाए कि क्या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग संभव है। अदालत यह जानना चाहती है कि हिरासत में विक्रांत को किस तरह की कानूनी या अन्य सहायता की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि विक्रांत की पत्नी और उनकी बहन सेलिना जेटली के बीच कानूनी फर्म की नियुक्ति को लेकर सहमति नहीं थी। इस पर अदालत ने साफ किया कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जान का अधिकार परिवार के आपसी मतभेदों से ऊपर होता है।
केस से जुड़े मुख्य तथ्य और वर्तमान स्थिति
इस मामले से जुड़े प्रमुख विवरणों को नीचे दी गई सूची के माध्यम से समझा जा सकता है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हिरासत की अवधि | सितंबर 2024 से अब तक (लगभग 18 महीने) |
| हिरासत का कारण | यूएई अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया है |
| अगली सुनवाई की तारीख | 12 फरवरी 2026 |
| कानूनी सहायता | दुबई की फर्म अल मारी पार्टनर्स फ्री में केस लड़ेगी |
| मीडिया पर रोक | अदालत ने सेलिना जेटली को मीडिया से बात करने पर रोक लगाई है |
अदालत ने वियना कन्वेंशन के तहत भारत सरकार की जिम्मेदारियों को याद दिलाया है। इसके अनुसार सरकार का कर्तव्य है कि वह विदेश में हिरासत में लिए गए अपने नागरिकों को राजनयिक और कानूनी मदद पहुंचाए। मंगलवार को सुनवाई के बाद सेलिना जेटली को हाईकोर्ट परिसर से बाहर निकलते देखा गया लेकिन उन्होंने अदालती आदेश का पालन करते हुए मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी।




