Celina Jaitly के भाई की UAE में हिरासत पर हाईकोर्ट सख्त, विदेश मंत्रालय से पूछा क्या सीधी बात हो सकती है

Nura Basta11 February 20262 min read62 viewsExpat Issues

दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई मेजर (रिटायर्ड) विक्रांत कुमार जेटली की संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में हिरासत को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे मेजर विक्रांत और अदालत के बीच वीडियो कॉल के जरिए सीधी बातचीत कराने की संभावना तलाशें। विक्रांत सितंबर 2024 से यानी पिछले 18 महीनों से यूएई की हिरासत में हैं और अदालत उनके स्वास्थ्य और जरूरत के बारे में खुद जानकारी लेना चाहती है।

अदालत ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि 12 फरवरी तक यह जानकारी दी जाए कि क्या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग संभव है। अदालत यह जानना चाहती है कि हिरासत में विक्रांत को किस तरह की कानूनी या अन्य सहायता की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि विक्रांत की पत्नी और उनकी बहन सेलिना जेटली के बीच कानूनी फर्म की नियुक्ति को लेकर सहमति नहीं थी। इस पर अदालत ने साफ किया कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जान का अधिकार परिवार के आपसी मतभेदों से ऊपर होता है।

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केस से जुड़े मुख्य तथ्य और वर्तमान स्थिति

इस मामले से जुड़े प्रमुख विवरणों को नीचे दी गई सूची के माध्यम से समझा जा सकता है:

विवरण जानकारी
हिरासत की अवधि सितंबर 2024 से अब तक (लगभग 18 महीने)
हिरासत का कारण यूएई अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया है
अगली सुनवाई की तारीख 12 फरवरी 2026
कानूनी सहायता दुबई की फर्म अल मारी पार्टनर्स फ्री में केस लड़ेगी
मीडिया पर रोक अदालत ने सेलिना जेटली को मीडिया से बात करने पर रोक लगाई है

अदालत ने वियना कन्वेंशन के तहत भारत सरकार की जिम्मेदारियों को याद दिलाया है। इसके अनुसार सरकार का कर्तव्य है कि वह विदेश में हिरासत में लिए गए अपने नागरिकों को राजनयिक और कानूनी मदद पहुंचाए। मंगलवार को सुनवाई के बाद सेलिना जेटली को हाईकोर्ट परिसर से बाहर निकलते देखा गया लेकिन उन्होंने अदालती आदेश का पालन करते हुए मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी।

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