कुवैत में रहने वालों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने लॉन्च किया ‘Wasel 101’ प्लेटफॉर्म, अब चुटकियों में होंगे सरकारी काम
कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। कुवैत की Central Agency for Information Technology (CAIT) ने 14 फरवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर एक नया ‘यूनिफाइड प्लेटफॉर्म’ लॉन्च कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम लोगों के लिए बेहद आसान और तेज बनाना है। इसके लिए कुवैत सरकार ने ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी Sprinklr के साथ साझेदारी की है। इस नए सिस्टम के आने से ‘Wasel 101’ के जरिए लोगों की शिकायतें और सरकारी काम अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी से निपट सकेंगे।
Wasel 101 से आम जनता को क्या सुविधा मिलेगी?
यह नया प्रोजेक्ट मुख्य रूप से ‘यूनिफाइड गवर्नमेंट कॉन्टैक्ट सेंटर’ यानी Wasel 101 को मजबूत बनाने के लिए शुरू किया गया है। इसका सीधा असर कुवैत में रहने वाले हर व्यक्ति पर पड़ेगा।
- अब नागरिकों और निवासियों को अपनी शिकायतों या पूछताछ के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में भटकना नहीं पड़ेगा।
- Wasel 101 एक नेशनल हब की तरह काम करेगा जहाँ से सभी सरकारी सेवाओं की जानकारी ली जा सकेगी।
- इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है ताकि लोगों के सवालों का जवाब तुरंत मिल सके।
- स्मार्ट ऑटोमेशन की मदद से आपकी रिक्वेस्ट सही विभाग तक बिना किसी देरी के पहुँच जाएगी।
गूगल क्लाउड और Sprinklr के साथ मिलकर बना सिस्टम
इस हाई-टेक प्लेटफॉर्म को तैयार करने में दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों ने मदद की है। यह पूरा सिस्टम Google Cloud पर आधारित है, जो इसकी सुरक्षा और स्पीड को बढ़ाता है।
- इस प्रोजेक्ट के लिए Impulse International Communications तकनीकी सहायता दे रही है।
- Wasel सेंटर को लागू करने और सपोर्ट देने के लिए करीब 2.3 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट पास किया गया है।
- यह कुवैत सरकार के बड़े आईटी एग्रीमेंट का हिस्सा है जिसकी कुल वैल्यू 8.6 मिलियन डॉलर है।
- अधिकारियों का कहना है कि यह डिजिटल बदलाव का एक ‘एडवांस्ड स्टेज’ है।
कुवैत विजन 2035 और सेवाओं में सुधार
कुवैत सरकार लगातार अपने ‘विजन 2035’ के तहत सरकारी कामकाज को सुधारने में लगी हुई है। इस नए प्लेटफॉर्म का मकसद भी यही है कि सरकारी फाइलों और आवेदनों में लगने वाला समय कम किया जाए।
इस सिस्टम में एक सेंट्रलाइज्ड डैशबोर्ड बनाया गया है। इसके जरिए सरकार अब सीधे देख सकेगी कि किस विभाग में लोगों को अच्छी सेवा मिल रही है और कहाँ देरी हो रही है। इससे प्रवासियों को भी अपने वीज़ा, रेजीडेंसी या अन्य सरकारी कागजी कार्रवाई में पारदर्शिता मिलेगी और काम जल्दी होगा।




