सऊदी अरब ने जारी किया रमजान 2026 का प्लान, मक्का में इफ्तार और फोटो खींचने पर कड़े नियम
सऊदी अरब में धार्मिक मामलों की प्रेसीडेंसी ने मक्का की मस्जिद अल-हरम (Grand Mosque) के लिए रमजान 2026 का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 14 फरवरी को हुए इस ऐलान में जायरीन की सुविधा के लिए 100 से ज्यादा नई पहलों को शामिल किया गया है। इसका मकसद आने वाले रमजान के महीने में उमराह करने वालों और नमाजियों को बेहतर अनुभव देना है। शेख डॉ. अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने बताया कि इस बार तकनीक और बेहतर इंतजाम पर ज्यादा जोर दिया जाएगा।
नमाज़ और इफ्तार के लिए क्या हैं नए नियम?
प्रशासन ने साफ किया है कि इफ्तार का आयोजन केवल तय की गई जगहों (designated courtyards) पर ही होगा और खाने के बाद तुरंत सफाई करनी होगी। जो लोग मस्जिद में एतिकाफ (I’tikaf) में बैठना चाहते हैं, उन्हें पहले सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह नियम सऊदी निवासियों और बाहर से आने वाले यात्रियों दोनों पर लागू होगा।
- विदेशियों को एतिकाफ के लिए अपने स्पॉन्सर से अनुमति लेनी होगी।
- नमाज के दौरान प्रोफेशनल फोटो खींचने या लाइव वीडियो बनाने पर रोक रहेगी ताकि इबादत में खलल न पड़े।
- मस्जिद के अंदर या बाहर भीख मांगना सख्त मना है, ऐसा करने पर सुरक्षाकर्मी कार्रवाई करेंगे।
कब से शुरू होगा रमजान और क्या मिलेगी सुविधा?
खगोलीय गणना के अनुसार, रमजान का महीना गुरुवार, 19 फरवरी 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। इस हिसाब से पहली तरावीह 18 फरवरी की रात को होगी और ईद 20 मार्च को मनाई जा सकती है। भारतीय और अन्य देशों के यात्रियों के लिए 40 भाषाओं में अनुवाद और गाइडेंस की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 850 से ज्यादा विशेष कर्मचारी और वॉलंटियर्स तैनात किए गए हैं जो भीड़ को संभालने और लोगों की मदद करने का काम करेंगे।




