सऊदी अरब में महंगाई से मिली राहत, 16 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा आंकड़ा, जानें क्या हुआ सस्ता
Saudi Arabia में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर राहत भरी खबर आई है। General Authority for Statistics (GASTAT) द्वारा रविवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 में सऊदी अरब की सालाना महंगाई दर (Inflation Rate) घटकर 1.8% हो गई है। यह आंकड़ा पिछले 16 महीनों में सबसे कम है, क्योंकि इससे पहले सितंबर 2024 में इतनी कम दर देखी गई थी। दिसंबर 2025 में यह दर 2.1% थी, जिसमें अब सुधार देखने को मिला है। हालांकि, महंगाई कम होने के बावजूद घर के किराए और कुछ अन्य सेवाओं के दाम अभी भी लोगों की जेब पर असर डाल रहे हैं।
किन चीजों के दाम बढ़े और कहां मिली राहत?
भले ही ओवरऑल महंगाई दर कम हुई है, लेकिन रहने का खर्च यानी हाउसिंग रेंट्स अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। रिपोर्ट बताती है कि आवासीय किराए (Residential Rents) में साल-दर-साल 5.2% की बढ़ोतरी हुई है, जो महंगाई का मुख्य कारण है। इसके अलावा, भारतीयों के लिए एक अहम खबर यह है कि ज्वैलरी और घड़ियों की कीमतों में भारी उछाल आया है। नीचे दी गई टेबल में आप देख सकते हैं कि किस सेक्टर में कितनी महंगाई बढ़ी या घटी है:
| कैटेगरी (Category) | बदलाव (Year-on-Year) |
|---|---|
| मकान किराया (Actual Rents) | +5.2% |
| ज्वैलरी और घड़ियां | +28% |
| ट्रांसपोर्ट (Passenger Transport) | +1.5% |
| रेस्टोरेंट और होटल | +1.0% |
| फर्नीचर और घरेलू सामान | -0.3% (सस्ता हुआ) |
| हेल्थकेयर (Healthcare) | -0.1% (सस्ता हुआ) |
किराए पर कंट्रोल और रमजान के लिए नया अपडेट
बढ़ते किराए को देखते हुए सरकार ने रियाद में किराए को कंट्रोल करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। रियाद में अभी भी 5 साल का रेंट फ्रीज (Rent Freeze) नियम लागू है, जिसके तहत मकान मालिक सालाना किराए में 0 से 2% से ज्यादा की बढ़ोतरी नहीं कर सकते। यह नियम वहां रह रहे विदेशी कामगारों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है।
इसके अलावा, प्रवासियों के लिए एक और जरूरी अपडेट आया है। शिक्षा विभागों ने घोषणा की है कि रमजान 1447H के दौरान, जो मार्च 2026 की शुरुआत में आने वाला है, पूरे देश में स्कूलों का समय बदला जाएगा। रमजान के दौरान क्लास सुबह 9:00 से 10:00 बजे के बीच शुरू होंगी, जिससे परिवारों को सहूलियत मिलेगी। विजन 2030 के तहत सरकार अब आर्थिक सुधारों को जमीनी स्तर पर लागू करने पर पूरा जोर दे रही है।




