सऊदी अरब ने मक्का की ग्रैंड मस्जिद और मदीना की पैगंबर मस्जिद के लिए रमजान 1447 हिजरी यानी साल 2026 का पूरा ऑपरेशनल प्लान तैयार कर लिया है। अधिकारियों ने 15 फरवरी 2026 से इस व्यापक योजना को लागू भी कर दिया है ताकि आने वाले समय में भीड़ को संभाला जा सके। इस बार उमराह पर जाने वालों को थोड़ी ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है क्योंकि होटल और अन्य सेवाओं की मांग के कारण पैकेजों के दाम में बढ़ोतरी हुई है।
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मस्जिद के अंदर क्या हैं नए नियम और पाबंदियां?
इस बार नमाज के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग या किसी भी तरह की ब्रॉडकास्टिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी। सुरक्षा के लिए लगे कैमरों को छोड़कर, इमाम या नमाजियों की वीडियो बनाने की इजाजत नहीं है ताकि लोगों की निजता बनी रहे। इफ्तार के लिए नकद चंदा या कैश डोनेशन अब नहीं लिया जाएगा, सारा पैसा आधिकारिक ‘एहसान’ प्लेटफॉर्म के जरिए देना होगा।
मस्जिद परिसर में और उसके आसपास भीख मांगना सख्त मना है। नमाज के समय का भी कड़ाई से पालन होगा, और ईशा और फजर की नमाज में अजान और इकामा के बीच 15 मिनट का अनिवार्य अंतर रखा जाएगा। आखिरी दस रातों में तहज्जुद की नमाज फजर से काफी पहले खत्म कर दी जाएगी ताकि लोगों को सहरी का वक्त मिल सके।
कब से शुरू होगा रमजान और कितना है उमराह का खर्च?
चांद दिखने के हिसाब से रमजान 1447 हिजरी 18 फरवरी 2026 से शुरू होने की उम्मीद है और ईद 20 मार्च के आसपास होगी। इस बार उमराह के लिए प्रीमियम पैकेज करीब 8,000 एईडी यानी लगभग 2,178 डॉलर तक पहुंच गए हैं, जो पहले से 25% ज्यादा हैं। इकोनॉमी पैकेज अलग-अलग देशों के हिसाब से तय हैं, जो करीब 1100 डॉलर से शुरू हो रहे हैं। वीजा की फीस 100 से 200 डॉलर के बीच रहेगी।
जायरीन के लिए कौन सी नई सुविधाएं शुरू की गई हैं?
बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए ट्रांजिट स्टेशनों से मस्जिद के गेट तक खास ट्रांसपोर्ट सेवा शुरू की गई है। जो लोग अरबी नहीं जानते, उनकी मदद के लिए फील्ड टीमों को तुरंत अनुवाद करने वाले डिवाइस दिए गए हैं जो पांच भाषाओं में मदद करते हैं। भीड़ को संभालने के लिए डिजिटल सेंसर और 3D मैप्स का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि माताफ और सऊदी पोर्टिको में ज्यादा धक्का-मुक्की न हो।
