Saudi और Oman ने किया बड़ा समझौता, अब नौकरी पाने वालों के स्किल्स की होगी कड़ी जांच
सऊदी अरब और ओमान ने मिलकर लेबर मार्केट को सुधारने और कामगारों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सऊदी अरब की Takamol Holding और ओमान की Oman Energy Association (OPAL) ने एक रणनीतिक सहयोग समझौते (Strategic Cooperation Agreement) पर दस्तखत किए हैं। इस समझौते का मुख्य मकसद कामगारों की काबिलियत को परखना और ओमान में नौकरी के लिए सही स्किल्स वाले लोगों को ही एंट्री देना है। मस्कट में हुए इस समझौते से दोनों देशों के बीच रोजगार के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
क्या है इस नए समझौते का असली मतलब?
इस एग्रीमेंट के तहत अब ओमान के लेबर मार्केट में आने वाले लोगों की प्रोफेशनल स्किल्स को बारीकी से जांचा जाएगा। सऊदी की कंपनी Takamol के पास कामगारों की योग्यता परखने और उनके सर्टिफिकेट्स की जांच करने का लंबा तजुर्बा है। अब इसी तजुर्बे का फायदा ओमान को मिलेगा।
समझौते पर Takamol के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट Fowzan Almuhaidib और OPAL के सीईओ Eng. Mohammed Al-Naabi ने साइन किए। इसका सीधा मतलब है कि ओमान में नौकरी पाने के लिए अब सिर्फ डिग्री या सिफारिश नहीं, बल्कि असली हुनर साबित करना होगा। यह कदम Oman Vision 2040 के तहत उठाया गया है ताकि देश में काम करने वाले लोग पूरी तरह से ट्रेंड और प्रोफेशनल हों।
कामगारों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
इस नई व्यवस्था से ओमान में काम करने जाने वाले प्रवासियों और वहां के स्थानीय नागरिकों दोनों पर असर पड़ेगा। Takamol ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और परीक्षा के सिस्टम तैयार करेगा जिससे यह पता चल सके कि कोई व्यक्ति जिस काम के लिए आ रहा है, वह उसे ठीक से जानता है या नहीं।
- सर्टिफिकेट की जांच: कामगारों के अनुभव और सर्टिफिकेट्स की कड़ी जांच होगी।
- स्किल टेस्ट: नौकरी से पहले स्किल असेसमेंट टेस्ट देना पड़ सकता है।
- खाड़ी देशों में आवाजाही: इस सिस्टम से GCC देशों के बीच प्रोफेशनल टैलेंट का आदान-प्रदान आसान और भरोसेमंद होगा।
फिलहाल इस समझौते के तहत टेस्ट की फीस या नए नियमों की पूरी लिस्ट जारी नहीं की गई है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले समय में ओमान में काम करना और वहां के वर्क वीजा के लिए क्वालिफाई करना ज्यादा व्यवस्थित हो जाएगा।




