दुबई से कोच्चि जा रही फ्लाइट में बच्चे की जान बचाने के लिए डॉक्टर ने लगाया जुगाड़, 3 उंगलियों से किया ये काम
दुबई से कोच्चि जा रही एक फ्लाइट में 3 साल के बच्चे की जान पर बन आई थी, जिसे बचाने के लिए दुबई के डॉक्टर सेसिल कुन्नापिल्ली ने अपनी गजब की सूझबूझ का परिचय दिया। 18 जनवरी को हुई इस घटना में डॉक्टर ने मेडिकल किट में मौजूद बड़ों के Oximeter का इस्तेमाल बच्चे की तीन उंगलियों को एक साथ दबाकर किया और सही समय पर इलाज देकर उसे बचाया। यह मामला अब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है।
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बच्चे की हालत कैसे बिगड़ी और मुंबई क्यों उतरी फ्लाइट?
3.5 साल का स्टीव निमोनिया से ठीक होकर अपने माता-पिता के साथ अमेरिका से दुबई होते हुए केरल जा रहा था। रास्ते में उसका ऑक्सीजन लेवल गिरकर 70% तक पहुंच गया और शरीर नीला पड़ने लगा। बच्चे की हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने पायलट को तुरंत फ्लाइट डायवर्ट करने को कहा।
डॉक्टर की सलाह पर पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और विमान को सुबह करीब 3:00 बजे मुंबई (Mumbai) में उतारा गया। वहां बच्चे को तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया, जिससे उसकी जान बच सकी।
डॉक्टर ने कौन सा ‘जुगाड़’ लगाकर बचाई जान?
फ्लाइट में मौजूद मेडिकल किट में बच्चों के नाप का Oximeter नहीं था, जिससे पल्स नहीं मिल रही थी। Al-Futtaim HealthHub के डॉ. सेसिल ने बच्चे की तीन उंगलियों को एक साथ दबाया ताकि मशीन सही रीडिंग ले सके।
इलाज के दौरान डॉक्टर ने देखा कि ऑक्सीजन टैंक ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिसे उन्होंने तुरंत बदलवाया। इसके अलावा, उन्होंने बच्चे को नींद की दवा (Midazolam) देने से रोका, क्योंकि इससे उसकी सांस रुकने का खतरा था। डॉक्टर का यह फैसला बच्चे के लिए जीवनदान साबित हुआ।
यात्रियों के लिए क्या है सीखने वाली बात?
यह घटना बताती है कि लंबी दूरी की फ्लाइट्स में बच्चों के लिए भी सही मेडिकल उपकरण होने चाहिए। डॉ. सेसिल का कहना है कि हवा में सीमित संसाधनों के साथ फैसले लेना मुश्किल होता है, लेकिन सही समय पर सही कदम उठाना जरुरी है।
बच्चे के माता-पिता, पिंटो डेविस अकरा और मेरिल जॉन ने डॉक्टर को ‘फरिश्ता’ बताते हुए उनका शुक्रिया अदा किया है। बच्चे के पूरी तरह ठीक होने के बाद अब यह खबर लोगों के बीच एक मिसाल बन गई है।




