UAE और बहरीन के बीच नया सफर नियम शुरू, इमिग्रेशन में 45 मिनट के बजाय लगेंगे सिर्फ 10 मिनट
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने अपने नागरिकों के लिए हवाई सफर को बहुत आसान बना दिया है। 16 फरवरी 2026 से ‘वन-पॉइंट एयर ट्रैवलर्स’ नाम का एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यह सिस्टम अबू धाबी के ज़ायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच काम कर रहा है। इसके जरिए यात्रियों को अब लैंडिंग के बाद इमिग्रेशन की लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा क्योंकि सारी कागजी कार्रवाई उड़ान भरने से पहले ही पूरी कर ली जाएगी।
इस नई व्यवस्था के मुख्य नियम और फायदे
इस सिस्टम के तहत यात्री अपने देश से निकलते समय ही दोनों देशों की एग्जिट और एंट्री की औपचारिकताएं पूरी कर लेते हैं। वहां दोनों देशों के अधिकारी एक साथ बैठते हैं जो पासपोर्ट पर जरूरी मुहर लगा देते हैं। इसके बाद यात्री सीधा अपनी फ्लाइट पकड़ते हैं और दूसरे देश पहुँचने पर बिना किसी इमिग्रेशन चेक के सीधे अपना बैग लेकर एयरपोर्ट से बाहर निकल सकते हैं।
| सुविधा का नाम | विवरण |
|---|---|
| शुरुआत की तारीख | 16-17 फरवरी 2026 |
| मुख्य एयरपोर्ट | अबू धाबी (AUH) और बहरीन (BAH) |
| प्रमुख एयरलाइन | एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) |
| समय की बचत | 45 मिनट से घटकर 10 मिनट से कम |
| तकनीक | बायोमेट्रिक और फेशियल रिकॉग्निशन |
किसे मिलेगा लाभ और आगे की क्या है तैयारी?
फिलहाल यह सुविधा सिर्फ यूएई और बहरीन के नागरिकों के लिए शुरू की गई है। हालांकि गल्फ में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी अच्छी खबर है। अधिकारियों ने बताया है कि दूसरे चरण में इसे UAE Golden Visa और बहरीन के 10 साल के रेजिडेंसी परमिट धारकों के लिए भी शुरू किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में पूरे खाड़ी देशों के लिए ‘यूनिफाइड टूरिस्ट वीज़ा’ की नींव रखेगा।
- यह पायलट प्रोजेक्ट अगले छह महीनों तक चलेगा।
- सफल होने पर इसे दुबई-रियाद और दोहा-अबू धाबी रूट पर भी लागू किया जा सकता है।
- इस सेवा के लिए नागरिकों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जा रही है।
- इसका मकसद पूरे जीसीसी देशों के बीच सफर को यूरोप के शेंगेन एरिया की तरह आसान बनाना है।




