सऊदी अरब ने AI में 20 अरब डॉलर लगाने का किया ऐलान, भारत में हुई बैठक के बाद बड़ी खबर
सऊदी अरब ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ी छलांग लगाई है। सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला बिन शराफ अल-गामदी ने नई दिल्ली में चल रहे ‘India AI Impact Summit 2026’ के दौरान बताया कि किंगडम अपने ‘Vision 2030’ के तहत एक विशाल AI सिस्टम तैयार कर रहा है। इस नए इकोसिस्टम का मकसद सऊदी अरब को दुनिया के टॉप टेक्नोलॉजी देशों में शामिल करना है।
करोड़ों डॉलर का निवेश और नया प्लान
सऊदी अरब ने अपनी नेशनल AI स्ट्रैटेजी के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। सरकार का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 20 अरब डॉलर का निवेश करना है। इसके अलावा, नए स्टार्टअप्स और कंपनियों को मदद देने के लिए 5 अरब डॉलर का अलग से फंड बनाया गया है।
सरकार ने माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और सिस्को जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियों के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। माइक्रोसॉफ्ट ने पुष्टि की है कि उनका ‘Saudi Arabia East’ डेटा सेंटर 2026 के अंत तक पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा।
सरकारी काम होंगे आसान, 400 सिस्टम जुड़े
सऊदी सरकार ने अपने डेटा बैंक से 400 से ज्यादा सरकारी सिस्टम को जोड़ दिया है। इसका सीधा फायदा आम जनता और वहां रहने वाले प्रवासियों को मिलेगा। अब ‘Absher’ जैसे प्लेटफॉर्म और स्वास्थ्य सेवाओं में AI का इस्तेमाल बढ़ा दिया जाएगा, जिससे सरकारी काम पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएंगे।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब पब्लिक सेक्टर में AI का इस्तेमाल करने के मामले में दुनिया में पहले नंबर पर आ गया है। अस्पतालों में स्मार्ट डायग्नोस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर में भी नई तकनीक लागू की जा रही है।
1 लाख एक्सपर्ट्स तैयार करने का लक्ष्य
सऊदी अरब में रोजगार को लेकर भी बड़े ऐलान किए गए हैं। सरकार ने 2030 तक 1 लाख AI स्पेशलिस्ट तैयार करने का लक्ष्य रखा है। अभी तक 12 लाख से ज्यादा लोगों ने बेसिक ट्रेनिंग पूरी कर ली है। इस योजना से टेक सेक्टर में नई नौकरियां पैदा होंगी और वहां काम करने वाले लोगों के लिए नए अवसर खुलेंगे।




