UAE Govt New Rules: अब कंपनी को उठाना होगा इलाज का पूरा खर्च, सरकार ने याद दिलाए 12 सख्त नियम
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में काम करने वाले लाखों भारतीयों और प्रवासियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। UAE की सरकार ने सभी प्राइवेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए 12 सख्त नियमों का पालन करने की याद दिलाई है। मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) ने स्पष्ट किया है कि काम के दौरान सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। सबसे खास बात यह है कि अगर काम के दौरान किसी वर्कर को चोट लगती है, तो उसके इलाज का पूरा खर्च अब कंपनी को ही उठाना होगा।
कंपनियों को मानने होंगे ये 12 नियम
UAE के श्रम कानून के तहत नियोक्ताओं (Employers) के लिए अपने स्टाफ की सुरक्षा के लिए 12 जिम्मेदारियां तय की गई हैं। मंत्रालय ने साफ कहा है कि इन नियमों का पालन हर हाल में जरूरी है। नीचे दी गई तालिका में आप इन मुख्य जिम्मेदारियों को आसानी से समझ सकते हैं:
| जिम्मेदारी | विवरण |
|---|---|
| सुरक्षा गियर (PPE) | काम के दौरान चोट और खतरों से बचाने के लिए उचित उपकरण देना। |
| सुरक्षा निर्देश | कर्मचारियों की समझ में आने वाली भाषा में निर्देश लगाना। |
| चेतावनी बोर्ड | खतरनाक जगहों पर साफ दिखने वाले चेतावनी संकेत लगाना। |
| जोखिम की जानकारी | काम शुरू करने से पहले वर्कर को खतरों के बारे में बताना। |
| फर्स्ट एड | फर्स्ट एड किट और प्रशिक्षित व्यक्ति की व्यवस्था रखना। |
| आग से सुरक्षा | आग बुझाने के यंत्र और रोकथाम के इंतजाम दुरुस्त रखना। |
| लगातार जांच | साइट पर सुरक्षा मानकों की लगातार जांच करना। |
| खतरा कम करना | स्वास्थ्य खतरों को हटाने के लिए जरूरी कदम उठाना। |
| मशीन गाइड | मशीन चलाने के निर्देश वर्कर की भाषा में लिखे होने चाहिए। |
| रहने की व्यवस्था | सरकार के मानकों के अनुसार आवास या भत्ता देना। |
| इलाज का खर्च | काम के दौरान चोट लगने पर इलाज का पूरा पैसा कंपनी देगी। |
चोट लगने पर सैलरी और इलाज का हक
प्रवासी कामगारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मेडिकल कवरेज और सैलरी से जुड़ा है। कानून के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी काम के दौरान घायल हो जाता है या बीमार पड़ता है, तो कंपनी को उसके इलाज का सारा खर्च उठाना होगा। इसमें अस्पताल, सर्जरी और दवाओं का खर्च शामिल है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक वर्कर ठीक नहीं हो जाता या विकलांगता तय नहीं हो जाती।
इसके अलावा, रिकवरी के दौरान सैलरी के भी नियम हैं:
- पूरी सैलरी: इलाज के पहले 6 महीनों के लिए कर्मचारी को पूरी तनख्वाह मिलेगी।
- आधी सैलरी: अगर इलाज 6 महीने से ज्यादा चलता है, तो अगले 6 महीने तक आधी सैलरी दी जाएगी।
- मुआवजा: अगर चोट के कारण स्थायी विकलांगता या मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को 18,000 से 2,00,000 दिरहम तक का मुआवजा मिल सकता है।
AI से होगी निगरानी और भारी जुर्माना
कंपनियां नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं, इसे देखने के लिए मंत्रालय ने ‘स्मार्ट सेफ्टी ट्रैकर’ नाम का एक हाई-टेक सिस्टम शुरू किया है। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कैमरों की मदद से साइट पर नजर रखेगा। अगर कहीं कोई वर्कर बिना हेलमेट या सुरक्षा गियर के दिखा, तो यह सिस्टम तुरंत पकड़ लेगा।
नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। गंभीर उल्लंघनों के लिए 1 लाख से 10 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा, गर्मियों में धूप में काम कराने पर भी प्रति वर्कर 5,000 से 50,000 दिरहम तक का फाइन लगाया जा सकता है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि किसी भी दुर्घटना की खबर 48 घंटे के भीतर देनी होगी।




