Gaza Peace Plan: इंडोनेशिया और मोरक्को भेजेंगे अपनी सेना, 5 देशों की बनी सहमति, जानिये क्या है नया प्लान
वाशिंगटन डी.सी. में 19 फरवरी 2026 को हुए ‘Board of Peace’ (BoP) शिखर सम्मेलन में गाजा को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। Donald Trump की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गाजा में शांति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय सेना भेजने की योजना पक्की हो गई है। आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडोनेशिया और मोरक्को समेत दुनिया के 5 देशों ने अपने सैनिक भेजने का वादा किया है। इस नई व्यवस्था का मकसद गाजा में सुरक्षा व्यवस्था को संभालना और वहां के लोगों को राहत पहुंचाना है।
कौन से देश भेज रहे हैं सेना और क्या है तैयारी?
इस मिशन के लिए ‘International Stabilization Force’ (ISF) का गठन किया गया है। इसमें शामिल होने के लिए पांच देशों ने आधिकारिक रूप से हामी भर दी है। सबसे बड़ी भागीदारी Indonesia की होगी, जो अपने 8,000 सैनिकों को भेजेगा और डिप्टी कमांडर की भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, Morocco इस फोर्स में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश होगा।
इन दो बड़े देशों के अलावा Kazakhstan, Kosovo और Albania भी अपनी सेना की टुकड़ियां भेजेंगे। वहीं, पड़ोसी देश Egypt और Jordan ने फिलिस्तीनी पुलिस बल को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी ली है। पुलिस भर्ती का काम शुरू हो चुका है और शुरुआती कुछ घंटों में ही 2,000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं।
अरबों डॉलर का खर्च और समय सीमा
गाजा के पुननिर्माण और सुरक्षा मिशन के लिए भारी भरकम बजट तय किया गया है। 9 सदस्य देशों ने तत्काल राहत कार्यों के लिए 7 बिलियन डॉलर देने का वादा किया है। वहीं, अमेरिका ने इस ऑपरेशन के लिए 10 बिलियन डॉलर की मदद की बात कही है, हालांकि इसे अभी वहां की संसद से मंजूरी मिलनी बाकी है। गाजा के पूरे निर्माण कार्य का अनुमानित खर्च 70 बिलियन डॉलर बताया गया है।
टाइमलाइन के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक इंडोनेशिया के 1,000 सैनिकों का पहला जत्था तैनाती के लिए तैयार हो सकता है। जून 2026 तक पूरी 8,000 लोगों की फोर्स को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, अगले 60 दिनों के अंदर 5,000 फिलिस्तीनी पुलिस अधिकारियों को तैनात करने की योजना है।
कैसे चलेगा गाजा का प्रशासन?
गाजा में आम लोगों की सुविधाओं को संभालने के लिए एक नई कमेटी ‘National Committee for the Administration of Gaza’ (NCAG) बनाई गई है। इसके प्रमुख Ali Shaath होंगे। यह कमेटी पूरी तरह से राजनीति से दूर रहेगी और इसका मुख्य काम पानी, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाएं देना होगा।
इस योजना के तहत दक्षिणी गाजा में 350 एकड़ से ज्यादा जमीन पर एक बड़ा मिलिट्री बेस बनाया जाएगा, जहां 5,000 लोग रह सकेंगे। Donald Trump ने इस मौके पर कहा कि गाजा में युद्ध खत्म हो गया है और हमास को हथियार डालने होंगे। हालांकि, यूरोप के कुछ बड़े देशों ने इस प्लान से दूरी बनाई है क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे संयुक्त राष्ट्र (UN) की भूमिका कम हो सकती है।




