सऊदी क्राउन प्रिंस और US सीनेटर की बड़ी बैठक, ईरान हमले पर MBS ने साफ किया अपना रुख
गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को रियाद के अल-यमामह पैलेस (Al-Yamamah Palace) में सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman (MBS) और अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham के बीच एक बेहद अहम बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव और ईरान के मुद्दे पर गंभीर चर्चा की। जहां एक तरफ अमेरिका और सऊदी अरब मिलकर हालात को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं MBS ने अपनी सीमाओं के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा और साफ़ संदेश दिया है।
ईरान हमले पर सऊदी का क्या है फैसला?
इस बैठक से जो सबसे बड़ी खबर निकलकर आई है, वह सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र (Airspace) के इस्तेमाल से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, MBS ने अमेरिकी नेतृत्व को साफ बता दिया है कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई भी मिलिट्री कार्रवाई या स्ट्राइक करता है, तो इसके लिए सऊदी अरब अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने देगा। सऊदी अरब अभी तनाव कम करने (De-escalation) की पूरी कोशिश कर रहा है और चाहता है कि बातचीत से ही रास्ता निकले। वहीं, सीनेटर Graham ने चेताया है कि ईरान को लेकर फैसले अब महीनों में नहीं, बल्कि ‘हफ्तों’ में लिए जा सकते हैं।
20 फरवरी से बैंकिंग और कॉन्ट्रैक्ट नियमों में बदलाव
राजनीतिक तनाव के बीच सऊदी सरकार ने आम लोगों और व्यापारियों को राहत देने वाले कदम भी उठाए हैं। शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 से सऊदी अरब में बैंकिंग सर्विस फीस (Banking Service Fees) को कम कर दिया गया है, ताकि आर्थिक लेन-देन आसान हो सके। इसके अलावा एक नया नियम भी लागू किया गया है:
- अब सऊदी सरकारी एजेंसियां उन विदेशी कंपनियों को भी कॉन्ट्रैक्ट दे सकेंगी जिनका रीजनल हेडक्वार्टर सऊदी में नहीं है।
- यह नियम मौजूदा हालात को देखते हुए फ्लेक्सिबिलिटी देने के लिए लाया गया है।
यात्रियों और प्रवासियों के लिए क्या है स्थिति?
भले ही नेताओं के बयानों में गर्मी हो, लेकिन आम जनता के लिए ज़मीनी हालात सामान्य रखने की कोशिश की जा रही है। सऊदी के एयरपोर्ट्स पर रमज़ान (Ramadan) के लिए आने वाले यात्रियों के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह दिखाता है कि पब्लिक के लिए सब कुछ ‘Business as usual’ जैसा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को खबरों पर नज़र रखनी चाहिए क्योंकि तेल के दाम और मार्केट में थोड़ी-बहुत उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।




