UAE और भारत का बड़ा फैसला, अब देश में लगेगा 8 Exaflop सुपरकंप्यूटर, डेटा सुरक्षा पर भी बनी बात
अबू धाबी और भारत ने मिलकर टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया है। 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए एक अहम समझौते के तहत, अब भारत में 8 एक्सफ्लॉप (exaflop) की क्षमता वाला एक विशाल AI सुपरकंप्यूटर स्थापित किया जाएगा। यह फैसला ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान लिया गया, जो भारत की टेक्नोलॉजी ताकत को कई गुना बढ़ा देगा। इस प्रोजेक्ट में अबू धाबी की कंपनी G42 और भारत सरकार की संस्थाएं मिलकर काम करेंगी ताकि देश में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़ा ढांचा खड़ा किया जा सके।
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सुपरकंप्यूटर की खासियत और कौन सी कंपनियां शामिल हैं?
यह सुपरकंप्यूटर दुनिया के सबसे तेज कंप्यूटरों में से एक होगा, जिसकी क्षमता 8 एक्सफ्लॉप होगी। इसे बनाने के लिए कई बड़ी कंपनियां साथ आई हैं। अबू धाबी स्थित टेक्नोलॉजी ग्रुप G42 इस सिस्टम को डिलीवर करेगा और हार्डवेयर की जिम्मेदारी ‘Cerebras Systems’ की होगी।
- क्षमता: 8 एक्सफ्लॉप (बेहद तेज गति से गणना करने वाला)।
- साझेदार: G42, Cerebras, MBZUAI और भारत का C-DAC।
- तकनीक: इसमें Cerebras के CS-3 सिस्टम का इस्तेमाल होगा जो दुनिया के सबसे तेज AI इंजन पर चलता है।
आम आदमी और देश को इससे क्या फायदा होगा?
इस सुपरकंप्यूटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह से भारत में रहेगा और इसका डेटा भी देश से बाहर नहीं जाएगा। इससे भारत की डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) बनी रहेगी। यह प्रोजेक्ट ‘IndiaAI Mission’ का एक अहम हिस्सा है।
इसका उपयोग सिर्फ वैज्ञानिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका फायदा आम जनता को भी मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं, खेती और शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीकों को विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, भारत के Startups, छोटे उद्योग और बड़े कॉलेज अपनी रिसर्च के लिए इस सुपरकंप्यूटर की ताकत का इस्तेमाल कर सकेंगे।
भारत और UAE के रिश्तों में नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद ने हाल ही में मुलाकात कर AI को रिश्तों का मुख्य आधार बताया है। यह प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच गहरी होती दोस्ती का सबूत है। इससे पहले दिसंबर 2025 में हुई बातचीत और जनवरी 2026 में UAE राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान इस पर सहमति बनी थी। हाल ही में G42 और MBZUAI ने ‘नंदा’ नाम का एक हिंदी-इंग्लिश मॉडल भी लांच किया था, जो इस दिशा में एक और बड़ा कदम था।




