NHAI का बड़ा फैसला: 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नहीं चलेगा कैश, FASTag नहीं होने पर लगेगा दोगुना चार्ज
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देश भर के टोल प्लाजा पर नकद लेन-देन को लेकर एक बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे पर कैश पेमेंट पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। अब टोल टैक्स भरने के लिए सिर्फ FASTag और UPI का ही विकल्प मौजूद रहेगा। यह फैसला टोल नाकों पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने और सफर को आसान बनाने के लिए लिया गया है। अगर आपकी गाड़ी पर FASTag नहीं है, तो अब आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
बिना FASTag कैश देने पर लगेगा भारी जुर्माना
NHAI के नए नियमों के मुताबिक, टोल प्लाजा पर अब 100% डिजिटल पेमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। जिन गाड़ियों पर FASTag नहीं लगा होगा या जिनका टैग काम नहीं कर रहा होगा, उन्हें नकद भुगतान करने पर सामान्य फीस का दोगुना (2x) चार्ज देना होगा।
इतना ही नहीं, अगर कोई यात्री FASTag की जगह UPI के जरिए भुगतान करना चाहता है, तो उसे भी राहत नहीं मिलेगी। UPI से पेमेंट करने पर भी सामान्य फीस का 1.25 गुना पैसा देना होगा। यह नियम देश भर के करीब 1,150 टोल प्लाजा पर लागू होगा। प्रशासन का कहना है कि लोग समय रहते अपनी गाड़ियों में FASTag लगवा लें ताकि उन्हें एक्स्ट्रा चार्ज न देना पड़े।
आम आदमी को कैसे मिलेगा इस बदलाव का फायदा?
सरकार का मानना है कि टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन के कारण अक्सर छुट्टा पैसे की समस्या और लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अभी देश में 98% से ज्यादा गाड़ियां FASTag का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे कैशलेस सिस्टम को लागू करना आसान हो गया है।
कैश काउंटर हटने से गाड़ियां बिना रुके तेजी से निकल सकेंगी, जिससे सफर में लगने वाला समय कम होगा और पेट्रोल-डीजल की भी बचत होगी। NHAI ने 20 फरवरी को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इससे टोल सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और लोगों को जाम में फंसना नहीं पड़ेगा। साथ ही, FASTag का 3,000 रुपये वाला एनुअल पास भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है, जिससे बार-बार पेमेंट के झंझट से मुक्ति मिल रही है।




