सऊदी अरब का बड़ा ऐलान, शेख सालेह अल मघामसी बने मस्जिद-ए-नबवी के नए इमाम, आज से संभालेंगे जिम्मेदारी
सऊदी अरब में मदीना मुनव्वरा से एक बहुत ही अहम खबर सामने आई है। खादिमुल हरमैन शरीफैन किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने एक शाही फरमान जारी करते हुए शेख सालेह अल मघामसी (Sheikh Saleh Al Maghamsi) को मस्जिद-ए-नबवी का इमाम नियुक्त किया है। यह नियुक्ति शनिवार, 21 फरवरी 2026 को की गई है। रमजान के इस पवित्र महीने में हुई इस नियुक्ति से मदीना में मौजूद जायरीन और दुनिया भर के मुसलमानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
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आज ईशा की नमाज से करेंगे शुरुआत
शाही फरमान जारी होने के तुरंत बाद हरमैन शरीफैन के आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी कि शेख सालेह अल मघामसी अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत आज ही करेंगे। बताया गया है कि शेख अल मघामसी आज रात (21 फरवरी) मस्जिद-ए-नबवी में ईशा की नमाज पढ़ाएंगे।
आमतौर पर नए इमामों को तरावीह या जुमे की नमाज की जिम्मेदारी देने से पहले पांच वक्त की नमाजों में शामिल किया जाता है। इसी परंपरा के तहत, अपनी नियुक्ति के पहले ही दिन वह ईशा की नमाज का नेतृत्व करेंगे। यह उन जायरीन के लिए खास मौका होगा जो अभी मदीना में मौजूद हैं।
कौन हैं शेख सालेह अल मघामसी?
शेख सालेह अल मघामसी सऊदी अरब और इस्लामिक दुनिया के एक बहुत ही मशहूर विद्वान हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर कुछ खास बातें जाननी चाहिए:
- मस्जिद कुबा के पूर्व इमाम: शेख मघामसी पहले मदीना की ऐतिहासिक मस्जिद कुबा (Quba Mosque) के इमाम रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने साल 2020 तक सेवाएं दीं।
- कुरान की व्याख्या: उन्हें कुरान की तफसीर (व्याख्या) करने में महारत हासिल है और उनके लेक्चर टीवी और सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों द्वारा सुने जाते हैं।
- लोकप्रियता: उनकी सादगी और समझाने के तरीके के कारण वह आम लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।
शाही फरमान और नियुक्ति के नियम
सऊदी अरब में मक्का की मस्जिद अल-हरम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में इमामों की नियुक्ति सिर्फ शाही फरमान (Royal Decree) के जरिए ही होती है। प्रेजीडेंसी ऑफ रिलिजियस अफेयर्स, जिसके प्रमुख शेख डॉ. अब्दुल रहमान अल-सुदैस हैं, इन इमामों के कार्यों की देखरेख करती है।
इस बार यह नियुक्ति रमजान (1447H) के शुरुआती दिनों में हुई है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है। प्रशासन का कहना है कि दशकों के अनुभव वाले ऐसे विद्वान के आने से हरमैन शरीफैन में धार्मिक नेतृत्व और मजबूत होगा।




