Saudi Arabia King Salman Order: सऊदी अरब में कैदियों की रिहाई शुरू, किंग सलमान का बड़ा आदेश जारी
सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने एक मानवीय कदम उठाते हुए कैदियों की माफी का आदेश दिया है। इस शाही फरमान के बाद गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी 2026 से कैदियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह फैसला उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो सार्वजनिक अधिकारों (Public Rights) से जुड़े मामलों में सजा काट रहे हैं। सरकार का मकसद परिवारों को फिर से मिलाना और सुधार की ओर बढ़ रहे लोगों को एक मौका देना है।
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किन कैदियों को मिलेगी इस माफी का फायदा?
किंग सलमान के इस आदेश के तहत पुरुष और महिला दोनों तरह के कैदी शामिल हैं। यह माफी विशेष रूप से ‘पब्लिक राइट्स’ यानी उन मामलों के लिए है जिनमें राज्य सरकार अभियोजक होती है। हालांकि, रिहाई के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं जो कमेटियों द्वारा तय की जा रही हैं।
- यह माफी उन लोगों के लिए है जो अभी जेल में सजा काट रहे हैं।
- इसमें आतंकवाद, ड्रग तस्करी और हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल नहीं हैं।
- अगर किसी का मामला निजी अधिकार (Private Rights) का है, तो उसे पीड़ित पक्ष से माफी मिलने पर ही रिहाई मिलेगी।
प्रवासियों और परिवारों के लिए जरूरी जानकारी
सऊदी अरब में काम करने वाले कई प्रवासी, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, अक्सर छोटे-मोटे अपराधों या रेजीडेंसी नियमों के उल्लंघन में फंस जाते हैं। यह माफी उनके लिए अपने वतन लौटने या परिवार से मिलने का एक बड़ा मौका हो सकती है। इस कदम से जेलों में भीड़ कम होगी और सामाजिक सुधार को बढ़ावा मिलेगा।
गृह मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सऊद ने बताया कि जेल निदेशालय (General Directorate of Prisons) ने पात्र कैदियों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है। कैदियों के परिजन Absher प्लेटफॉर्म के जरिए या जेल प्रशासन से संपर्क करके स्थिति का पता लगा सकते हैं।
टैक्स और जुर्माने में भी मिली बड़ी राहत
कैदियों की रिहाई के अलावा, सऊदी सरकार ने टैक्स और जुर्माने को लेकर भी एक अच्छी खबर दी है। Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) ने जुर्माने की माफी वाली योजना को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है।
इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति या बिजनेस पर टैक्स का बकाया है, तो वे बिना किसी लेट फीस या जुर्माने के अपना मूल टैक्स जमा कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो आर्थिक तंगी के कारण अपना पुराना टैक्स नहीं भर पाए थे।




