Iran-US Talks: पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका की आमने-सामने बातचीत, जमी हुई संपत्ति और शांति पर चर्चा जारी
ईरान और अमेरिका के बीच दशकों बाद पहली बार सीधी बातचीत शुरू हुई है। यह बैठक पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो रही है, जहाँ दोनों देश अपने आपसी तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान की मदद से दोनों देशों के बीच फिलहाल दो हफ्ते की युद्धविराम (ceasefire) लागू है, जिसके बीच यह बातचीत अब तीसरे दौर में पहुँच गई है।
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बातचीत के मुख्य मुद्दे क्या हैं?
इस बातचीत के लिए कई कमेटियां बनाई गई हैं जो आर्थिक, सैन्य, कानूनी और परमाणु मुद्दों पर गहराई से चर्चा कर रही हैं। मुख्य रूप से ईरान अपनी जमी हुई संपत्ति को वापस चाहता है, जिसके लिए अमेरिका ने सैद्धांतिक तौर पर सहमति दे दी है। इसके अलावा कुछ और अहम बातें भी चर्चा की मेज़ पर हैं:
| मुख्य मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| जमी हुई संपत्ति | ईरान की संपत्ति को अमेरिका द्वारा मुक्त करना |
| हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य | समुद्री रास्ते की सुरक्षा सुनिश्चित करना |
| अमेरिकी सेना | मिडिल ईस्ट के सैन्य अड्डों से अमेरिकी सेना की वापसी |
| लेबनान मामला | लेबनान में चल रहे हमलों और हालात पर चर्चा |
| परमाणु नीति | ईरान की परमाणु नीति और सुरक्षा पर बात |
| सैन्य तनाव | दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव को रोकना |
| आर्थिक संबंध | आर्थिक प्रतिबंधों और व्यापार पर चर्चा |
पाकिस्तान और अन्य नेताओं की क्या राय है?
पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में एक मध्यस्थ और पुल की तरह काम कर रहा है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने उम्मीद जताई है कि यह बातचीत क्षेत्र में लंबे समय तक चलने वाली शांति का रास्ता खोलेगी। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance और Jared Kushner इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जिससे यह महसूस होता है कि ट्रंप प्रशासन इस समझौते को लेकर गंभीर है।
दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अपने दल को देश के हितों की पूरी तरह रक्षा करने का निर्देश दिया है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने यह साफ़ कर दिया है कि वे इस बातचीत में हिस्सा तो ले रहे हैं, लेकिन उन्हें अमेरिका पर पूरा भरोसा नहीं है।




