अमेरिका ने खाड़ी में तैनात किए 50 फाइटर जेट और जंगी जहाज, ईरान ने कहा- हमले का जवाब जंग से देंगे
मिडिल ईस्ट में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने पिछले दो दशकों में अपनी सबसे बड़ी फौज इस क्षेत्र में उतार दी है। इसके बावजूद ईरान ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर कोई छोटा हमला भी होता है, तो उसे जंग का ऐलान माना जाएगा। इधर 26 फरवरी को दोनों देशों के बीच एक अहम बैठक भी होने वाली है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।
अमेरिका ने बढ़ाई ताकत, 50 से ज्यादा फाइटर जेट तैनात
अमेरिका ने खाड़ी देशों में अपनी सैन्य ताकत बहुत बढ़ा दी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने जॉर्डन और कतर के एयरबेस पर 50 से ज्यादा खतरनाक फाइटर जेट्स भेजे हैं, जिनमें F-35 और F-22 जैसे आधुनिक विमान शामिल हैं। समुद्र में भी अमेरिका ने दो बड़े विमानवाहक पोतों को एक साथ तैनात किया है, जो एक दुर्लभ कदम है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अगर अगले 10 से 15 दिनों में कोई समझौता नहीं होता है, तो वो सीमित हमले करने पर विचार कर सकते हैं। लेबनान से तो अमेरिका ने अपने गैर-जरूरी अधिकारियों को निकलने का आदेश भी दे दिया है, जिससे हमले की आशंका और बढ़ गई है।
26 फरवरी को जेनेवा में होगी अहम बैठक
जंग के खतरे के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच 26 फरवरी, गुरुवार को जेनेवा में तीसरे दौर की बातचीत होनी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि वो किसी अस्थायी समझौते के पक्ष में नहीं हैं।
ईरान का कहना है कि उसे पक्का समाधान चाहिए, जिसमें उस पर लगी आर्थिक पाबंदियां हटाई जाएं। वहीं, अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर दे। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने हैरानी जताई है कि इतनी बड़ी फौज देखने के बाद भी ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है।
तेल की कीमतों और आम आदमी पर असर
इस तनाव का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ सकता है। युद्ध के डर से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं और ब्रेंट क्रूड 71 डॉलर के पार चला गया है। जानकारों का मानना है कि अगर होर्मुज का रास्ता बंद हुआ, तो तेल के दाम 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं।
- तेल की कीमत: अभी 71 डॉलर के करीब है, जो युद्ध होने पर दोगुनी हो सकती है।
- ईरान की तैयारी: सेना को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है।
- यूरोप से तनाव: ईरान ने यूरोपीय संघ की सेनाओं को ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित कर दिया है।




