US-Iran Talks Fail: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत फेल, पुतिन ने राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन को किया फ़ोन
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इस खबर के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि बातचीत क्यों फेल हुई और अब आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
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इस्लामाबाद में बातचीत क्यों नहीं हो पाई?
अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार और रविवार को 14 घंटे से ज़्यादा समय तक बातचीत चली लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट JD Vance ने बताया कि ईरान ने उनके आखिरी ऑफर को स्वीकार नहीं किया। वहीं ईरान की एजेंसी तस्नीम ने कहा कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा थीं। मुख्य विवाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के कंट्रोल, युद्ध के हर्जाने और जमी हुई संपत्तियों को लेकर था।
पुतिन और मैक्रोन के साथ क्या चर्चा हुई?
राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान को भरोसा दिलाया कि रूस मिडिल ईस्ट में शांति लाने की कोशिशों में मदद करने के लिए तैयार है। इसी दिन ईरान के राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन से भी बात की। उन्होंने मैक्रोन को बताया कि ईरान बातचीत के लिए गंभीर था लेकिन नतीजा वॉशिंगटन के रवैये पर निर्भर करता है। मैक्रोन ने तनाव कम करने और एक पक्के समझौते की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की क्या स्थिति है?
सीज़फायर के बाद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को दोबारा खोल दिया गया है। शनिवार रात को पहला कंटेनर जहाज़ कराची पहुँच चुका है। अमेरिका के डिस्ट्रॉयर्स ने भी इस समुद्री रास्ते से गुज़रकर माइन क्लियरिंग ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि शांति के लिए उनके अधिकारों की पहचान और अंतरराष्ट्रीय गारंटी ज़रूरी है।




