Kuwait में ऑनलाइन सेलिंग पर नया कानून, बिना लाइसेंस काम किया तो लगेगा 10 हजार दीनार का जुर्माना
कुवैत में ऑनलाइन सामान बेचने वाले लोगों और कंपनियों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। सरकार ने डिक्री-लॉ नंबर 10/2026 जारी किया है, जिसके तहत अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिजनेस करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य हो गया है। यह नियम उन सभी पर लागू होगा जो वेबसाइट, सोशल मीडिया या किसी भी ऐप के जरिए अपना सामान बेचते हैं। यह कानून आधिकारिक गजट में छपने के छह महीने बाद पूरी तरह से लागू हो जाएगा।
किन लोगों पर लागू होगा यह नया नियम?
Ministry of Commerce and Industry (MOCI) के अनुसार, ई-कॉमर्स वेबसाइटों के अलावा Instagram, TikTok और WhatsApp जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दुकान चलाने वालों को भी अब रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस कानून का मुख्य मकसद उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
नए नियम के मुताबिक, खरीदारों को अब 14 दिनों के भीतर सामान वापस करने और पूरा रिफंड लेने का अधिकार होगा। इसके लिए शर्त यह है कि प्रोडक्ट अपनी असली हालत (Original Condition) में होना चाहिए। साथ ही, विज्ञापन देते समय विक्रेताओं को प्रोडक्ट की जानकारी, कीमत और अपना कॉन्टैक्ट नंबर साफ-साफ बताना होगा।
नियम तोड़ने पर कितनी होगी सजा और जुर्माना?
अगर कोई बिना लाइसेंस के ऑनलाइन बिजनेस करता पाया गया या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसमें घर से चलने वाले छोटे बिजनेस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी शामिल हैं।
- उल्लंघन करने वालों पर 1,000 से लेकर 10,000 कुवैती दीनार तक का जुर्माना लग सकता है।
- जुर्माने के साथ-साथ एक साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है।
- अगर गलती दोबारा दोहराई गई, तो जुर्माना दोगुना हो जाएगा।
- सजा के तौर पर ऑनलाइन स्टोर को बंद करने और सामान जब्त करने का आदेश भी दिया जा सकता है।
पेमेंट और डेटा को लेकर क्या है निर्देश?
ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार करने के लिए विक्रेताओं को केवल कुवैत के सेंट्रल बैंक (CBK) द्वारा लाइसेंस प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर्स का ही उपयोग करना होगा। इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के लिए ग्राहकों से कोई एक्स्ट्रा फीस चार्ज करना मना है, जब तक कि इसके लिए मंजूरी न ली गई हो।
इसके अलावा, जो लोग इन्फ्लुएंसर्स के जरिए अपने सामान का प्रचार करवाते हैं, उन्हें प्रचार से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट और डेटा को कम से कम पांच साल तक संभाल कर रखना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम कुवैत के ‘विज़न 2035’ और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को ध्यान में रखकर उठाया गया है।




