DGCA का नया नियम, फ्लाइट टिकट बुक करने के 48 घंटे तक कैंसिल या बदलाव बिलकुल फ्री, मार्च से लागू
भारत में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने यात्रियों की शिकायतों को देखते हुए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के मुताबिक, अब यात्री टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर उसे कैंसिल या बदल सकेंगे और इसके लिए एयरलाइंस कोई भी एक्स्ट्रा फीस नहीं ले सकेंगी। यह नया नियम 26 मार्च 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो जल्दबाजी में टिकट बुक करते हैं या जिनके प्लान अचानक बदल जाते हैं।
📰: Kuwait Customs Rule: कुवैत में कैश लिमिट पर नया नियम लागू, Sahel App से डिक्लेरेशन देना हुआ जरूरी।
क्या है 48 घंटे वाला नया नियम और इसकी शर्तें?
DGCA ने इसे ‘लुक-इन ऑप्शन’ (Look-in Option) का नाम दिया है। इसके तहत अगर आप एयरलाइन की वेबसाइट से सीधे टिकट बुक करते हैं, तो बुकिंग के 48 घंटे के अंदर आप बिना किसी पेनल्टी के टिकट कैंसिल या उसमें बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी गई हैं जो हर यात्री को पता होनी चाहिए:
- घरेलू उड़ानें: यह सुविधा तभी मिलेगी जब आपकी यात्रा की तारीख बुकिंग की तारीख से कम से कम 7 दिन दूर हो।
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानें: खाड़ी देशों या विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा की तारीख बुकिंग से कम से कम 15 दिन दूर होनी चाहिए।
- किराये का अंतर: अगर आप फ्लाइट बदलते हैं और नई फ्लाइट का किराया ज्यादा है, तो आपको केवल किराये का अंतर देना होगा, कोई अलग से चेंज फीस नहीं लगेगी।
- बुकिंग का तरीका: यह छूट केवल एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से बुक किए गए टिकटों पर ही मिलेगी। एजेंट या किसी अन्य ऐप से बुक किए गए टिकट पर यह नियम अभी लागू नहीं है।
रिफंड और नाम सुधार को लेकर क्या हैं निर्देश?
अक्सर देखा गया है कि रिफंड मिलने में यात्रियों को महीनों लग जाते हैं, लेकिन अब इस पर भी सख्ती की गई है। नए नियमों के अनुसार, अगर आपने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया है तो रिफंड 7 दिनों के अंदर प्रोसेस करना होगा। वहीं, अगर कैश पेमेंट है तो एयरलाइन ऑफिस से तुरंत रिफंड मिलेगा। एजेंट के जरिए बुकिंग पर एयरलाइन को यह सुनिश्चित करना होगा कि 14 दिनों के भीतर पैसा वापस मिले।
इसके अलावा, अगर टिकट बुक करते समय नाम की स्पेलिंग में कोई छोटी गलती हो जाती है, तो बुकिंग के 24 घंटे के अंदर उसे बिना किसी चार्ज के ठीक कराया जा सकेगा। मेडिकल इमरजेंसी या किसी यात्री के अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में एयरलाइंस को पूरा रिफंड या क्रेडिट शेल देना होगा, और यह चुनाव यात्री का होगा कि उसे क्या चाहिए। साथ ही, अगर आप यात्रा नहीं करते हैं तो एयरलाइंस को टैक्स का पूरा पैसा वापस करना ही होगा।




