UAE और कुवैत पर ईरान का बड़ा हमला, भारत जाने वाली फ्लाइट्स रद्द, तेल की कीमतें 100 डॉलर पहुंचने के आसार
खाड़ी देशों में 28 फरवरी 2026 को अचानक तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने यूएई (UAE), कुवैत, बहरीन और कतर पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के कारण पूरा क्षेत्र प्रभावित हुआ है और अबू धाबी में एक एशियाई नागरिक की मौत की खबर सामने आई है। हालात को देखते हुए कई एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं रोक दी हैं, जिससे भारत आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों की मुसीबत
इस तनाव का सबसे सीधा असर हवाई यात्रा पर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से यूएई, कतर, इराक और ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को बंद या सीमित कर दिया है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) पर उड़ानों में भारी देरी हो रही है और कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय एयरलाइंस समेत ब्रिटिश एयरवेज और लुफ्थांसा ने मिडिल ईस्ट के लिए अपनी सेवाएं फिलहाल रोक दी हैं। जो लोग भारत जाने की योजना बना रहे थे, उन्हें सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क जरूर करें। यह समय यात्रा के लिए काफी अनिश्चित बना हुआ है।
अबू धाबी और कुवैत में कहां गिरे मिसाइल
ईरान ने अपने ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले देशों को निशाना बनाया है। कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस पर एक मिसाइल रनवे पर गिरी, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दूसरी तरफ, अबू धाबी में इंटरसेप्ट की गई एक बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा गिरने से एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई है। वहां स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी कर्मचारियों और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने (Shelter-in-place) का अलर्ट जारी किया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय और कतर के अल उदीद एयर बेस को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई है।
तेल के दाम और आपकी जेब पर असर
इस युद्ध जैसे हालात का असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि जब सोमवार को बाजार खुलेंगे तो कच्चे तेल की कीमतें 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, वहां भी शिपिंग प्रभावित हुई है।
अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल के दामों पर होगा। इजरायल ने भी पूरे देश में इमरजेंसी लागू कर दी है। ओमान ने इस हमले पर चिंता जताई है और अमेरिका से कूटनीति की तरफ लौटने की अपील की है, ताकि आम लोगों को और नुकसान न उठाना पड़े।




