सऊदी अरब का बड़ा बयान, UAE और कतर पर हमले की कड़ी निंदा, फ्लाइट्स और यात्रियों पर असर
सऊदी अरब ने शनिवार, 28 फरवरी 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कतर, कुवैत और जॉर्डन पर हुए हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसे ईरानी आक्रामकता करार दिया है और कहा है कि यह पड़ोसी देशों की सीमाओं और सुरक्षा का खुला उल्लंघन है। सऊदी अरब ने साफ तौर पर कहा है कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है।
हमले का असर और सुरक्षा एडवाइजरी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा शुरू किए गए ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ ऑपरेशन के तहत कई मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। गल्फ देशों के एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से ज्यादातर को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, आबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक एशियाई नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है। बहरीन में भी अमेरिकी नौसेना से जुड़े एक सर्विस सेंटर पर नुकसान की खबर है। हालात को देखते हुए आबू धाबी और दोहा में लोगों को घरों के अंदर रहने और खिड़कियों से दूर रहने के लिए मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट भेजे गए।
फ्लाइट्स रद्द और यात्रियों को परेशानी
इस तनाव का सीधा असर हवाई यात्रा पर पड़ा है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कतर के एयरस्पेस को सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। कतर एयरवेज और लुफ्थांसा जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपनी कई फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो लोग भारत से गल्फ देशों की यात्रा करने वाले थे या वहां से लौटने वाले थे, उनकी योजनाओं पर पानी फिर गया है।
भारतीय दूतावास और अन्य देशों का रुख
UAE में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। सऊदी अरब ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा हैं। वहीं, कतर के गृह मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात मलबे के पास न जाएं। UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए जवाब देने का अधिकार रखते हैं।




