Israel-Iran War Update: इजराइल का ईरान पर भीषण हमला, 200 से ज्यादा की मौत और खामेनेई पर बड़ा दावा
इजराइल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक भीषण सैन्य टकराव में बदल गया है। 27 और 28 फरवरी 2026 को इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के कई संकेत मिले हैं। हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए खामेनेई के जीवित होने की बात कही है।
ईरान में हुए नुकसान और हताहतों का विवरण
ईरानी रेड क्रिसेंट की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली और अमेरिकी हमलों के कारण ईरान के 24 प्रांतों में भारी नुकसान हुआ है। बचाव दल पूरे देश में राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| कुल मौतें | 201 लोग मारे गए |
| घायलों की संख्या | 747 लोग घायल हुए |
| प्रमुख प्रभावित शहर | तेहरान, इस्फहान, कोम और मिनाब |
| सैन्य नुकसान | रक्षा मंत्री और IRGC कमांडर की मौत |
खामेनेई की स्थिति और युद्ध का वर्तमान माहौल
इजराइली प्रधानमंत्री ने बताया कि खामेनेई के परिसर पर 30 बम गिराए गए हैं और वहां से आ रहे संकेत उनकी मौत की ओर इशारा कर रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि उनके पास मौजूद जानकारी के अनुसार सर्वोच्च नेता सुरक्षित हैं। युद्ध के इस माहौल में मिनाब के एक स्कूल पर भी हमला हुआ जिसमें 85 लोगों की मौत हुई है।
- इजराइल ने इस अभियान को ऑपरेशन इटरनल शील्ड नाम दिया है।
- हमले में 200 से अधिक जेट विमानों और 500 से अधिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ है।
- ईरान ने जवाब में बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।
- पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यापार पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।




