Kuwait Airport पर ड्रोन हमला और मिसाइल की कोशिश, भारत जाने वाली फ्लाइट्स पर पड़ा असर
कुवैत में 28 फरवरी 2026 को ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 के पास एक ड्रोन गिरने से वहां काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। कुवैती विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ईरानी राजदूत Mohammad Toutounchi को तलब किया है और अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
हवाई अड्डे की स्थिति और यात्रियों पर क्या होगा असर
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए इस हमले के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नागरिक उड्डयन विभाग के अनुसार हवाई अड्डे पर परिचालन दोबारा व्यवस्थित किया जा रहा है। इसका सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों और भारतीय यात्रियों पर पड़ा है। Saudia और Air India जैसी बड़ी एयरलाइंस ने मार्च के पहले हफ्ते तक के लिए क्षेत्र में अपनी कई उड़ानें रद्द कर दी हैं। जो लोग भारत से कुवैत जाने वाले हैं या वहां से वापस आने की योजना बना रहे हैं, उन्हें यात्रा से पहले अपनी एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
कुवैत की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून पर रुख
कुवैत के रक्षा तंत्र ने अली अल सलेम एयर बेस (Ali Al Salem Air Base) की तरफ आ रही मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया है। कुवैत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा है कि वह अपनी और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का अधिकार रखती है। गृह मंत्रालय ने आम लोगों और प्रवासियों से शांत रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। आने वाले दिनों में सुरक्षा कारणों से विमानों के बीमा और किराए में बढ़ोतरी की संभावना भी देखी जा रही है।




