Donald Trump की ईरान को बड़ी चेतावनी, कहा हमला हुआ तो ऐसी ताकत दिखाएंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ ‘Operation Epic Fury’ के तहत सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया है। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने दोबारा कोई हमला किया तो उसे ऐसी जबरदस्त ताकत का सामना करना पड़ेगा जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा। इस तनाव के बीच ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है।
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खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या असर होगा?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सबसे ज्यादा असर उन देशों में दिख रहा है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने और भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। ईरान ने जवाब में Qatar के Al Udeid, Bahrain, UAE और Kuwait जैसे देशों में स्थित ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है लेकिन वहां काम कर रहे भारतीयों के लिए सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- यात्रा करने से पहले अपनी फ्लाइट्स के अपडेट जरूर देखते रहें क्योंकि तनाव बढ़ने से हवाई रूट बदल सकते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है जिससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है।
- किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए अपने स्थानीय दूतावास के संपर्क में रहना जरूरी है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी विवाद के मुख्य बिंदु
अमेरिका ने अपनी इस कार्रवाई में ईरान के परमाणु केंद्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस टकराव के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। नीचे दी गई टेबल से समझें कि अब तक क्या बड़े घटनाक्रम हुए हैं:
| क्षेत्र | घटना की जानकारी |
|---|---|
| अमेरिकी कार्रवाई | Fordo, Natanz और Isfahan जैसे परमाणु केंद्रों पर हमले किए गए। |
| ईरान का पलटवार | Bahrain, Jordan, Iraq और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले। |
| नेताओं पर हमला | रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei को भी निशाना बनाया गया है। |
| ट्रम्प की चेतावनी | ईरानी सेना को आत्मसमर्पण करने या मौत का सामना करने को कहा गया है। |
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सैन्य कार्रवाई से मध्य पूर्व में बड़ा संकट पैदा हो सकता है। करीब 30 से 40 हजार अमेरिकी सैनिक इस समय खाड़ी देशों में मौजूद हैं जो ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। इससे इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है।




