कुवैत में ड्रोन गिरने से बिजली लाइनें ठप, कई इलाकों में बत्ती गुल, एयरपोर्ट पर भी असर
कुवैत के दक्षिणी इलाकों और छठी रिंग रोड के पास बिजली की लाइनें खराब होने से कई जगहों पर बिजली सप्लाई बाधित हुई है। यह घटना रविवार, 1 मार्च 2026 को हुई जब हवा में नष्ट किए गए ड्रोन का मलबा बिजली के तारों पर आ गिरा। इसके चलते कुछ समय के लिए नेशनल ग्रिड में दिक्कत आई और कई हिस्सों में अंधेरा छा गया।
बिजली सप्लाई और मरम्मत का काम जारी
बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MEW) ने तुरंत अपनी टीमों को काम पर लगा दिया है। मंत्रालय की प्रवक्ता इंजी. फातिमा हयात ने बताया कि तकनीकी टीमें नुकसान का जायजा ले रही हैं और सुरक्षा मानकों के साथ मरम्मत कर रही हैं।
अधिकारियों ने साफ किया है कि बिजली और पानी की कुल स्थिति नियंत्रण में है। ग्रिड पर दबाव कम करने के लिए मंत्रालय ने लोगों से समझदारी से बिजली इस्तेमाल करने की अपील की है और “सेव” अभियान का तीसरा चरण शुरू किया है।
एयरपोर्ट और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी
सुरक्षा को देखते हुए कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टर्मिनल 1 पर एक ड्रोन टकराने से 9 लोग घायल हुए हैं, हालांकि उनकी हालत खतरे से बाहर है। एहतियात के तौर पर टर्मिनल 1, 4 और 5 को खाली कराया गया और कई उड़ानें डायवर्ट की गईं।
- कुवैत और आसपास के देशों ने हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए सीमित कर दिया है।
- शुएबा बंदरगाह पर भी काम रोक दिया गया है क्योंकि वहां पास में मलबा गिरा था।
- सेना ने बताया कि उन्होंने दक्षिणी क्षेत्र में 97 मिसाइलों और 283 ड्रोन को हवा में ही रोक दिया।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए सलाह
कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल सरकारी सूत्रों पर ही भरोसा करें। गृह मंत्रालय ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ चेतावनी जारी की है। सुरक्षा बलों द्वारा जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन करना अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है।
भीड़भाड़ से बचने के लिए सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने मस्जिदों के बाहर इफ्तार बांटने पर फिलहाल रोक लगा दी है। अगर आप यात्रा करने वाले हैं, तो एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।




