Dubai में फंसे भारत के कई बड़े नेता और उद्योगपति, बम धमाकों के बीच होटल बदलने को हुए मजबूर
मिडिल ईस्ट में अचानक शुरू हुए तनाव के कारण दुबई और अबू धाबी में कई भारतीय नागरिक फंस गए हैं। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद वहां मौजूद भारतीय पर्यटकों और उद्योगपतियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल समेत कई अन्य लोग वहां फंसे हुए हैं और भारत लौटने के लिए फ्लाइट शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
दुबई में फंसे भारतीयों की अभी क्या स्थिति है?
पूर्व विधायक संजय शुक्ला के बेटे सागर शुक्ला ने बताया कि उनके पिता लगातार परिवार के संपर्क में हैं। पहले वे Palm Jumeirah के एक होटल में रुके थे, लेकिन जब वहां आसपास हमले की खबरें आईं तो उन्होंने अपना होटल बदल लिया। सागर ने बताया कि स्थानीय प्रशासन लगातार सायरन बजाकर और मोबाइल पर अलर्ट भेजकर लोगों को सावधान कर रहा है।
इसके अलावा कर्नाटक के बेल्लारी से गए 35 पर्यटकों का एक ग्रुप भी वहां फंसा हुआ है। यह ग्रुप 24 फरवरी को दुबई गया था और उन्हें 28 फरवरी को वापस लौटना था, लेकिन एयरस्पेस बंद होने के कारण वे वहीं रुक गए हैं। विधायक नारा भरत रेड्डी भी Burj Khalifa के पास एक जगह पर रुके हुए हैं।
किन इलाकों में हुआ है नुकसान और कहां फंसे हैं लोग?
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलों के कारण दुबई और अबू धाबी के कई प्रमुख इलाकों में असर पड़ा है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।
- Palm Jumeirah की एक इमारत में आग लगने की घटना हुई जिसमें 4 लोग घायल हो गए।
- Burj Al Arab के बाहरी हिस्से में ड्रोन के मलबे से मामूली आग लगने की खबर है।
- सावधानी बरतते हुए Burj Khalifa को कुछ समय के लिए खाली कराया गया था।
- Jebel Ali पोर्ट पर भी मलबे गिरने से आग लगने की सूचना मिली है।
- अबू धाबी एयरपोर्ट पर सैकड़ों भारतीय यात्री फंसे हुए हैं क्योंकि उड़ानें रोक दी गई हैं।
वापसी के लिए सरकार क्या कर रही है?
हमलों के तुरंत बाद UAE ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे फिलहाल कोई भी फ्लाइट आ-जा नहीं रही है। अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने 28 फरवरी को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे लगातार UAE के अधिकारियों के संपर्क में हैं। इधर भारत में सागर शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील की है कि वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने का जल्द से जल्द इंतजाम किया जाए।




