सऊदी अरब में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन, 78 सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार, इन मंत्रालयों के नाम शामिल
सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। Oversight and Anti-Corruption Authority (Nazaha) ने फरवरी महीने में हज़ारों जगहों पर जांच की और सख्त कदम उठाए। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग सरकारी विभागों से जुड़े 78 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर पद के दुरुपयोग और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह कार्रवाई देश में चल रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान का हिस्सा है।
किन मंत्रालयों के अधिकारी हुए गिरफ्तार?
Nazaha की टीम ने पिछले महीने करीब 3,164 निरीक्षण दौरे किए। इन दौरों के दौरान 349 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू की गई। जांच में पुख्ता सबूत मिलने पर 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ को बाद में जमानत पर रिहा भी कर दिया गया। ये गिरफ्तारियां देश के कई बड़े और अहम मंत्रालयों में हुई हैं। नीचे उन विभागों की लिस्ट दी गई है जहाँ ये कार्रवाई हुई है:
- Ministry of Interior (गृह मंत्रालय)
- Ministry of Defense (रक्षा मंत्रालय)
- Ministry of Municipalities and Housing
- Ministry of Health (स्वास्थ्य मंत्रालय)
- Ministry of Human Resources and Social Development
क्या हैं आरोप और सख्त नियम?
पकड़े गए अधिकारियों पर रिश्वत लेने, जालसाजी करने, मनी लॉन्ड्रिंग और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप हैं। सऊदी अरब में विजन 2030 के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त नीति अपनाई जा रही है। Nazaha ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई समय सीमा नहीं है, यानी अगर कोई अधिकारी रिटायर हो चुका है और उस पर पुराने आरोप साबित होते हैं, तो उसे भी सजा दी जाएगी।
हाल ही में एक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी को प्रोजेक्ट पास करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया था। इसके अलावा एक PIF कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर भी करोड़ों के गबन का आरोप लगा है। आम जनता के लिए टोल-फ्री नंबर 980 जारी किया गया है ताकि वे किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना दे सकें।




