Iran का दावा, अमेरिका के युद्धपोत USS Abraham Lincoln पर दागी 4 मिसाइलें, खाड़ी में तनाव बढ़ा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खाड़ी में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर हमला किया है। यह हमला ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के ठीक बाद किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इसे ‘Operation True Promise 4’ का नाम दिया है। इस घटना के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है और कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी कर दी है।
क्या है ईरान का दावा और अमेरिका की प्रतिक्रिया?
ईरानी सेना ने 1 मार्च, 2026 को ऐलान किया कि उन्होंने अमेरिकी जहाज को निशाना बनाते हुए चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरान का कहना है कि यह हमला उनके सुप्रीम लीडर की मौत का बदला है, जो 28 फरवरी को एक अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन में मारे गए थे। दूसरी तरफ, अमेरिकी नेवी ने अभी तक जहाज को किसी भी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं की है। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी जहाज फरवरी के अंत तक अरब सागर में सामान्य रूप से चल रहा था।
दुबई और खाड़ी देशों में रहने वालों पर असर
इस संघर्ष का असर अब आम लोगों की जिंदगी और यात्रा पर भी दिखने लगा है। ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है, जिसके चलते दुबई, अबु धाबी, दोहा और मनामा जैसे शहरों में अलर्ट की स्थिति बन गई है।
- फ्लाइट्स पर असर: मिडिल ईस्ट के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानों में देरी और रद्दीकरण की खबरें आ रही हैं।
- ट्रैवल एडवाइजरी: अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने अपने नागरिकों को खाड़ी देशों की यात्रा न करने की सलाह दी है।
- तेल की कीमतें: ऊर्जा बाजार को संभालने के लिए OPEC ने अप्रैल से तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है।
आगे क्या हो सकता है?
ईरान में सुप्रीम लीडर की मौत के बाद 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के नेतृत्व में एक काउंसिल देश का कामकाज देख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी लोगों से अपना देश वापस लेने की अपील की है, जबकि ईरानी राष्ट्रपति ने इसे ‘जंग का ऐलान’ बताया है। फिलहाल खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को अपनी दूतावास की एडवाइजरी पर नजर बनाए रखनी चाहिए क्योंकि स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।




