अमेरिका ने किया साफ, USS Abraham Lincoln पर हमले की खबर झूठी, लेकिन खाड़ी में तनाव बढ़ा
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत USS Abraham Lincoln पर मिसाइल हमला किया है। 1 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक बयान में अमेरिका ने बताया कि उनका एयरक्राफ्ट कैरियर पूरी तरह सुरक्षित है और अपना मिशन जारी रखे हुए है। यह स्पष्टीकरण तब आया जब ईरान की ओर से युद्धपोत को निशाना बनाने के दावे किए जा रहे थे।
क्या है पूरा मामला और अमेरिका ने क्या कहा?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उन्होंने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4’ के तहत अमेरिकी जहाज पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है।
CENTCOM ने साफ किया कि मिसाइलें जहाज के करीब भी नहीं पहुंची थीं और जहाज से विमानों का संचालन सामान्य रूप से चल रहा है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब क्षेत्र में पहले से ही ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के चलते तनाव बना हुआ है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हैं।
आम लोगों और प्रवासियों पर क्या होगा इसका असर?
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब आम जीवन और अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। तेल की कीमतें 72.50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं और जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट रही तो भाव 100 डॉलर तक जा सकते हैं।
- शिपिंग पर रोक: बड़ी कंपनियों जैसे Maersk और MSC ने होर्मुज स्ट्रेट से अपने जहाजों की आवाजाही रोक दी है, जिससे सामान की ढुलाई महंगी हो सकती है।
- हवाई यात्रा: कई खाड़ी देशों के ऊपर से उड़ने वाली फ्लाइट्स पर असर पड़ा है और हवाई क्षेत्र में पाबंदियां लगाई गई हैं।
- सुरक्षा एडवाइजरी: बहरीन में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को मनामा के होटलों से दूर रहने को कहा है, वहीं इस्राइल में दूतावास 2 मार्च को बंद रखने का फैसला लिया गया है।




