UAE में लगातार चौथे दिन हमले, सेना ने हवा में ही नष्ट किए 123 ड्रोन और 11 मिसाइल
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आज लगातार चौथे दिन हवाई हमलों की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया है। UAE रक्षा मंत्रालय (MoD) ने मंगलवार, 3 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि देश की सुरक्षा प्रणालियों ने बेहतरीन काम किया है। सेना ने देश के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाने आए 11 बैलिस्टिक मिसाइलों और 123 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। राहत की बात यह है कि आज के हमले में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, हालांकि एक मिसाइल जमीन पर गिरी लेकिन उससे किसी की जान नहीं गई।
पिछले 24 घंटों में हुए हमले और अब तक के बड़े आंकड़े
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर अब्दुलनासीर अलहमदी ने जानकारी दी है कि हमले ईरान की तरफ से किए जा रहे हैं। सेना के पास इनका जवाब देने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद मौजूद है। पिछले चार दिनों में, यानी 28 फरवरी से अब तक हुए हमलों के आंकड़े काफी बड़े हैं, लेकिन UAE Air Force और वायु रक्षा प्रणालियों ने ज्यादातर हमलों को हवा में ही खत्म कर दिया है। नीचे दी गई तालिका में आप ताज़ा स्थिति समझ सकते हैं:
| विवरण | आंकड़ा (स्थिति) |
|---|---|
| आज (Day 4) मिसाइल इंटरसेप्ट | 11 बैलिस्टिक मिसाइल |
| आज (Day 4) ड्रोन इंटरसेप्ट | 123 ड्रोन |
| कुल मिसाइल (28 फरवरी से) | 186 डिटेक्ट (172 नष्ट) |
| कुल ड्रोन (28 फरवरी से) | 812 डिटेक्ट (755 नष्ट) |
| कुल क्रूज मिसाइल | 8 (सभी 8 नष्ट) |
आम लोगों की सुरक्षा और फ्लाइट्स पर असर
इन हमलों के कारण गिरने वाले मलबे से अब तक 68 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। दुखद खबर यह है कि कुल 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जो पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक थे। भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सुरक्षा के मद्देनजर Emirates, Etihad और flydubai जैसी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के समय में बदलाव किया है या कुछ उड़ानें अस्थाई रूप से रोकी हैं।
राष्ट्रीय आपतकालीन संकट और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NCEMA) ने सभी निवासियों को सलाह दी है कि वे अलर्ट के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही, सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो या अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल सरकारी जानकारी पर भरोसा करें। तेल की कीमतें भी 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। स्कूल और प्राइवेट सेक्टर में रिमोट वर्किंग के नियम भी लागू किए गए हैं ताकि लोग सुरक्षित रहें।




