कुवैत में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं अचानक हुई ठप, सरकार ने तकनीकी खराबी को बताया मुख्य कारण
कुवैत में 3 मार्च 2026 को अचानक मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं में बड़ी दिक्कत देखने को मिली। देश के कई हिस्सों में लोगों को कॉल करने और इंटरनेट डेटा इस्तेमाल करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी नियामक प्राधिकरण (CITRA) ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए इसे एक अचानक आई तकनीकी खराबी बताया है। राहत की बात यह है कि तकनीकी टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसी दिन सेवाओं को पूरी तरह बहाल कर दिया।
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नेटवर्क की समस्या पर सरकार का क्या कहना है?
अधिकारियों ने साफ़ तौर पर कहा है कि नेटवर्क में आई यह कमजोरी पूरी तरह से तकनीकी कारणों से थी। सरकार ने उन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें इसे इलाके में चल रहे मौजूदा सैन्य तनाव या ड्रोन हमलों से जोड़कर देखा जा रहा था। संचार मंत्रालय के अनुसार नेटवर्क को फिर से सुचारू बनाने के लिए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया था ताकि लोगों को ज़्यादा समय तक परेशानी न हो।
प्रवासियों और यात्रियों पर क्या हुआ असर?
कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि अब स्थिति सामान्य हो चुकी है। संचार मंत्री उमर अल-उमर ने टेलीकॉम कंपनियों की तारीफ की जिन्होंने संकट के समय मुफ़्त रोमिंग और अंतरराष्ट्रीय कॉल की सुविधा मुहैया कराई। मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया है कि लैंडलाइन के बकाया बिलों का भुगतान 13 मार्च 2026 तक कर देना चाहिए ताकि कनेक्शन कटने की नौबत न आए।
| प्रमुख अपडेट | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| गड़बड़ी की तारीख | 3 मार्च 2026 |
| मुख्य कारण | अचानक आई तकनीकी खराबी |
| लैंडलाइन बिल की अंतिम तिथि | 13 मार्च 2026 |
| प्रभावित सेवाएं | इंटरनेट स्पीड और मोबाइल डेटा |
| आधिकारिक निकाय | CITRA और संचार मंत्रालय |
सरकार ने नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो इसके लिए अथॉरिटी वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय केबल रास्तों को मज़बूत करने पर विचार कर रही है।





