आजान के लिए LOUDSPEAKER पर रोक, सुबह सुबह प्रफ़ेसर की नींद हो रही थी ख़राब, IG ने DM SSP को भेजा लेटर
प्रयागराज के इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को कहा है कि वह यह सुनिश्चित करें कि रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक आजान के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग ना हो. यह फैसला तब आया जब एक इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर संगीता श्रीवास्तव ने सुबह-सुबह नींद में खलल और तेज आवाज को लेकर शिकायत किया.

इस मामले पर आईजी ने डीएम और एसएसपी को पत्र जारी करके इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है. हालांकि इस मामले में मस्जिद के रखरखाव करने वाले ने बताया कि वह साउंड को आधा करके भी अजान करवा सकते हैं.
कंप्लेंट करने वाले श्रीवास्तव ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट भानु चंद्र गोस्वामी को 3 मार्च को कहा कि प्रतिदिन आजान के अतिथि व लाउडस्पीकर के वजह से उन्हें काफी परेशानी हो रही है और सर दर्द हो रहा है जिसके वजह से उनके कार्य में दिक्कतें आ रही हैं.

मस्जिद के रखवाले भी कुछ बताया है.
एक समाचार पत्र से बात करते हुए मस्जिद के रखरखाव करने वाले व्यक्ति ने बताया है कि उन्होंने लाउडस्पीकर के वॉल्यूम को 50% कम कर दिया है और लाउडस्पीकर के दिशा को भी बदल दिया है उन्होंने यह भी कहा कि अगर श्रीवास्तव इस शिकायत को लेकर उनके पास भी आती तो तब भी वह पूरे मर्यादा के साथ इस बात का ख्याल रखते कि उनके दिक्कतें खत्म हो.

अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इस मामले पर कुछ कहा है.
जनवरी 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी धर्म में पूजा करने के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं बताया गया है और कोई धर्म यह नहीं कहता है कि खूब जोर जोर से पूजा या प्रार्थना किया जाए चाहे वह लाउडस्पीकर हो या ढोल हो.



