ईरान का इजरायल पर बड़ा हमला, खाड़ी देशों में भी अलर्ट और तेल की कीमतों में भारी उछाल
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब अपने छठे दिन में पहुंच गया है। गुरुवार की सुबह ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलें दागीं, जिसके बाद वहां लाखों लोगों को सुरक्षा के लिए बंकरों में जाना पड़ा। इस बीच वॉशिंगटन में अमेरिकी सीनेट ने हवाई हमलों को रोकने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध की कार्रवाई जारी रखने की पूरी छूट मिल गई है। इस संघर्ष का सीधा असर अब पूरे मिडिल ईस्ट के साथ-साथ ग्लोबल इकोनॉमी पर भी दिखने लगा है।
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जंग से जुड़े बड़े अपडेट और मौजूदा स्थिति
इस युद्ध की वजह से अब तक भारी जान-माल का नुकसान हो चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक ईरान में मरने वालों की संख्या 1000 के पार हो गई है, जबकि इजरायल के 11 और अमेरिका के 6 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। समुद्री सीमा पर भी तनाव बढ़ गया है क्योंकि श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत को डुबो दिया है, जिसमें लगभग 80 लोग मारे गए हैं।
- मिसाइल हमले: ईरान ने इजरायल की ओर ड्रोन और मिसाइलों की बड़ी लहर भेजी है।
- सीनेट का फैसला: अमेरिकी सांसदों ने 53-47 के वोट से युद्ध रोकने के प्रस्ताव को ब्लॉक कर दिया।
- नाटो का दखल: तुर्की की ओर आ रही ईरानी मिसाइल को नाटो के एयर डिफेंस ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
- सैन्य अभियान: अमेरिकी और इजरायली सेना इस मिशन को ऑपरेशन एपिक फ्युरी और ऑपरेशन रोरिंग लायन का नाम दे रही हैं।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या हो रहा असर
इस तनाव का सबसे ज्यादा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां के व्यापार पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला समुद्री व्यापार 80 फीसदी तक गिर गया है, जिससे आने वाले दिनों में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। यूएई और कतर के कुछ हिस्सों में भी हवाई हमलों के सायरन बजने की खबरें आई हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों में डर का माहौल है।
| देश/क्षेत्र | प्रभाव का विवरण |
|---|---|
| ईरान | मिसाइल ठिकानों और परमाणु केंद्रों पर हमले |
| इजरायल | लाखों लोग बंकरों में रहने को मजबूर |
| यूएई/कतर | रिटेलिएशन के डर से सुरक्षा अलर्ट जारी |
| ग्लोबल मार्केट | कच्चे तेल और गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी |




