PhonePe UPI New Rule: अब पिन याद रखने का झंझट खत्म, फिंगरप्रिंट से होगा 5000 तक का पेमेंट
PhonePe ने यूपीआई पेमेंट की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर को बड़े स्तर पर रोलआउट कर दिया है। अब ग्राहकों को हर छोटे भुगतान के लिए 4 या 6 अंकों का यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय फोन के फिंगरप्रिंट या फेस लॉक का इस्तेमाल करके सीधे भुगतान किया जा सकेगा। यह नई सुविधा फिलहाल एंड्रॉइड यूजर्स के लिए लाइव कर दी गई है और जल्द ही आईफोन यूजर्स के लिए भी उपलब्ध होगी।
📰: Hezbollah ने इज़राइल को दी चेतावनी, कहा सब्र की सीमा खत्म, लेबनान में बढ़ी युद्ध की आहट।
कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम और क्या है इसकी लिमिट
कंपनी ने इस नए फीचर के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए हैं ताकि सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो। आम आदमी के दैनिक खर्चों को ध्यान में रखते हुए इसकी लिमिट तय की गई है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- ट्रांजैक्शन लिमिट: बायोमेट्रिक या वन-टच पेमेंट की सुविधा केवल 5,000 रुपये तक के लेन-देन पर ही मिलेगी।
- पिन की जरूरत: अगर भुगतान 5,000 रुपये से ज्यादा का है, तो सुरक्षा के लिए पहले की तरह मैन्युअल रूप से यूपीआई पिन डालना अनिवार्य होगा।
- बैकअप विकल्प: यदि किसी कारणवश फिंगरप्रिंट सेंसर काम नहीं करता है या सेंसर गंदा है, तो ऐप तुरंत पिन डालने का विकल्प देगा।
- एक्टिवेशन प्रक्रिया: यूजर्स को ऐप की प्रोफाइल सेटिंग्स में जाकर ‘बायोमेट्रिक पे’ विकल्प को एक बार एक्टिवेट करना होगा।
सुरक्षा और प्राइवेसी के लिए कितना भरोसेमंद है यह तरीका
PhonePe के पेमेंट्स हेड दीप अग्रवाल के अनुसार यह बदलाव पेमेंट को और अधिक सुरक्षित बनाता है। पिन चोरी होने या किसी के द्वारा देख लिए जाने का खतरा बना रहता है, लेकिन बायोमेट्रिक डेटा डिवाइस के सुरक्षित हिस्से में रहता है। यह डेटा कभी भी फोन से बाहर नहीं जाता है, जिससे प्राइवेसी बनी रहती है। एनपीसीआई और आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत डिवाइस-लेवल ऑथेंटिकेशन को एक मजबूत सुरक्षा स्तर माना गया है। यह तकनीक उन बुजुर्गों के लिए भी काफी मददगार होगी जिन्हें पिन याद रखने में परेशानी होती है।




