Iran में भारी बवाल, US और Israel के हमलों के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, UN ने भी जताई नाराजगी
Iran में 8 मार्च को बड़े पैमाने पर रैलियां देखी गई हैं। Tehran Times की रिपोर्ट के मुताबिक, US और Israel द्वारा किए गए हवाई और मिसाइल हमलों के विरोध में जनता सड़कों पर उतर आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन हमलों का मकसद देश में अस्थिरता फैलाना था, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ है और लोग सरकार के समर्थन में एकजुट हो गए हैं। हमलों के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और इसका असर अब आम जनजीवन पर भी दिख रहा है।
Minab स्कूल हमले पर क्या है विवाद?
रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी Iran के Minab (Hormozgan Province) में स्थित Shapur-e Tayyibah school पर हुए हमले ने सबको हिला कर रख दिया है। दावा किया जा रहा है कि 28 फरवरी 2026 को हुए इस हमले में 160 से ज्यादा बच्चों की जान गई। Iran ने इसे एक गंभीर ‘war crime’ करार दिया है।
दूसरी तरफ, Israel के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल के ठीक बगल में IRGC का हथियार डिपो और बैरक बना हुआ था। उनका आरोप है कि आम नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। US विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी बयान दिया है कि अमेरिका जानबूझकर स्कूलों को निशाना नहीं बनाता है।
UN की चेतावनी और आम आदमी पर असर
इस पूरे मामले पर संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी सख्त रुख अपनाया है। UN Independent International Fact-Finding Mission ने 4 मार्च को कहा कि ये हमले UN Charter का उल्लंघन हैं। इस तनाव का सीधा असर अब ग्लोबल मार्केट पर पड़ रहा है।
Singapore और अन्य जगहों पर ईंधन (Fuel) की कीमतें बढ़ने लगी हैं। Strait of Hormuz में अगर तनाव और बढ़ा, तो खाड़ी देशों (Gulf) में रहने वाले भारतीयों और भारत में तेल की कीमतों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। US Congress में भी अब इस युद्ध को रोकने के लिए चर्चा शुरू हो गई है।




