Iran US Tension: अमेरिका ने डुबोया ईरान का जहाज, भड़के ईरान ने दी होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की धमकी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरान के एक जंगी जहाज को डुबो दिया, जिसके बाद ईरान ने सख्त चेतावनी जारी की है। इस हमले के जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे अहम तेल रास्ते, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी दी है। अगर ऐसा होता है तो पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
अमेरिकी हमले में 80 से ज्यादा जवानों की मौत
श्रीलंका के तट के पास हिंद महासागर में अमेरिकी नेवी ने ईरान के फ्रिगेट ‘IRIS Dena’ को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किए गए टॉरपीडो हमले में यह जहाज पूरी तरह डूब गया। श्रीलंका की नेवी और अधिकारियों ने अब तक 80 से 87 शव बरामद किए हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने इस हमले की पुष्टि की है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इसे समुद्री अपराध बताया है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की चेतावनी और तेल संकट
अपने जहाज के डूबने और नौसैनिकों की मौत के बाद ईरान का गुस्सा भड़क गया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जबाड़ी ने आधिकारिक तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा।
- ईरान की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान है।
- खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और वहां से यात्रा करने वालों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
- होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट पॉइंट है, जहां से रोजना लाखों बैरल तेल गुजरता है।
स्कूल पर हमले से आम लोगों में भारी गुस्सा
तनाव के बीच ईरान के मिनब (Minab) शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां के ‘शजरेह तय्येबेह’ (Shajareh Tayyebeh) गर्ल्स स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ है। इस हमले में 7 से 12 साल की बच्चियों की जान गई है।
स्थानीय मीडिया और रेड क्रिसेंट के मुताबिक, पीड़ितों के लिए 165 कब्रें तैयार की गई हैं। तेहरान के गांधी अस्पताल और कई रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। जहां अमेरिका और इजरायल को उम्मीद थी कि हमलों से ईरान में अराजकता फैलेगी, वहीं इसके उलट लोग सरकार के समर्थन में एकजुट हो रहे हैं।




