अमेरिका ने F/A-18 फाइटर जेट्स को किया हाई अलर्ट, सऊदी अरब और खाड़ी देशों में सुरक्षा चेतावनी
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपनी नौसेना के F/A-18 Super Hornets विमानों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। यह कदम ‘Operation Epic Fury’ के तहत उठाया गया है, जिसका मकसद क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को मजबूत रखना है। 6 मार्च को आई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना खाड़ी क्षेत्र में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपने मिशन को अंजाम दे रही है।
क्या है Operation Epic Fury और अब तक क्या हुआ?
CENTCOM के कमांडर Admiral Brad Cooper की देखरेख में चल रहे इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना ने बड़ी कार्रवाई की है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस मिशन के तहत अब तक 3,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसमें ईरानी ड्रोन कैरियर और मिसाइल साइट्स शामिल हैं।
- अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि सेना के पास पर्याप्त गोला-बारूद मौजूद है।
- USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln युद्धपोत इस मिशन का प्रमुख हिस्सा हैं।
- पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सेना ने एक बड़े ईरानी जहाज को भी निशाना बनाया है।
- पूर्व जनरल David Petraeus के मुताबिक, अमेरिका ने हवा में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
खाड़ी देशों में रहने वालों पर क्या असर होगा?
इस सैन्य गतिविधि के कारण सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों में सुरक्षा को लेकर हलचल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई के डर से अमेरिकी दूतावासों ने पूर्वी सऊदी अरब और खाड़ी के कुछ इलाकों में हमलों की आशंका जताई है।
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। समुद्र में चल रहे इस तनाव के कारण तेल के व्यापार और समुद्री रास्तों पर भी असर देखने को मिल सकता है, जिससे यात्रा की योजना बनाने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।





