अमेरिका ने ईरान के 3000 ठिकानों पर किया हमला, ट्रंप बोले – बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई रास्ता नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में हालात काफी गंभीर हो गए हैं। US Central Command ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि युद्ध के पहले ही हफ्ते में अमेरिकी सेना ने ईरान में 3000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। इसे अमेरिकी सेना ने “Operation Epic Fury” का नाम दिया है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट पर देखा जा रहा है।
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ईरान को कितना हुआ नुकसान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। कम से कम 43 ईरानी नौसैनिक जहाज और पनडुब्बियों को या तो पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका ने अपना पूरा जोर ईरान के कमांड सेंटर्स, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल बनाने वाले कारखानों पर लगाया है।
इस कार्यवाही में Israel भी अमेरिका का साथ दे रहा है, जिसे उन्होंने “Operation Roaring Lion” नाम दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि आधुनिक तकनीक और AI का इस्तेमाल करके वे हमलों को अंजाम दे रहे हैं, ताकि ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
खाड़ी देशों और आम लोगों पर असर
इस मिलिट्री एक्शन का असर खाड़ी देशों (Gulf Countries) जैसे Saudi Arabia, UAE, Kuwait और Bahrain पर भी महसूस किया जा रहा है। सुरक्षा को देखते हुए Strait of Hormuz से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की संख्या काफी कम हो गई है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि हालात ठीक होते ही वे कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा देंगे।
ताज़ा अपडेट और मुख्य बातें:
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर साफ लिखा है कि ईरान को बिना शर्त सरेंडर (Unconditional Surrender) करना होगा।
- व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिकी हमलों के कारण ईरान की जवाबी कार्रवाई में 90% की कमी आई है।
- मिडिल ईस्ट से अब तक 27,000 से ज्यादा अमेरिकी नागरिक अपने देश वापस लौट चुके हैं।
- आम नागरिकों को सुरक्षित रहने और घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है क्योंकि आने वाले दिनों में हमले और तेज हो सकते हैं।





