Bahrain News: ब्रिटेन ने बहरीन की सुरक्षा के लिए भेजे फाइटर जेट, लोगों को घर में रहने की सलाह
बहरीन में रह रहे लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ब्रिटेन ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बात की और उन्हें सुरक्षा बढ़ाने का पूरा भरोसा दिया है। इस बातचीत के तुरंत बाद ब्रिटेन ने अपनी रॉयल एयर फोर्स (RAF) के चार अतिरिक्त Typhoon फाइटर जेट्स को तैनात करने का फैसला किया। ये लड़ाकू विमान बहरीन के आसमान में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेंगे ताकि किसी भी तरह के हवाई खतरे से निपटा जा सके।
फाइटर जेट्स की तैनाती का क्या है मकसद?
ब्रिटेन के राजदूत Alastair Long ने आधिकारिक तौर पर बताया कि RAF के जेट्स बहरीन के ऊपर उड़ान भरना शुरू कर चुके हैं। इनका मुख्य काम ईरान की तरफ से आ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोकना है। आपको बता दें कि हाल ही में हुए कुछ हमलों में मीना सलमान बेस को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, जहां लगभग 300 ब्रिटिश सैनिक और कर्मचारी रहते हैं।
इन हमलों को रोकने के लिए RAF के टाइफून जेट्स बेहद आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन को मार गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाली एक AIM-132 मिसाइल की कीमत करीब 2 लाख 25 हजार डॉलर (लगभग 1.8 करोड़ रुपये) है। यह पूरी तैनाती बहरीन, ब्रिटेन और अमेरिका के बीच हुए ‘C-SIPA’ सुरक्षा समझौते के तहत की गई है, जिसका मकसद अपने सहयोगियों की रक्षा करना है।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए जरूरी चेतावनी
बहरीन डिफेंस फोर्स (BDF) ने सुरक्षा को लेकर देश में रह रहे सभी नागरिकों और प्रवासियों के लिए एक जरूरी सलाह जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे अपने घरों के अंदर ही रहें। यह सलाह इसलिए दी गई है क्योंकि जब हवा में किसी मिसाइल या ड्रोन को नष्ट किया जाता है, तो उसका मलबा नीचे गिर सकता है, जिससे चोट लगने का खतरा रहता है।
सुरक्षा बलों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति की गंभीरता का पता चलता है:
- अब तक 75 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में रोका गया है।
- करीब 123 Shahed-136 ड्रोन को नष्ट किया गया है।
- राजधानी मनामा में होटल और रिहायशी इमारतों के पास भी खतरा देखा गया था।
राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।





