Donald Trump का बड़ा ऐलान, ईरान की नेवी पूरी तरह खत्म, समुद्र में 43 जहाज तबाह
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार, 6 मार्च को एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया और Saudi News के जरिए बताया कि अमेरिका ने ईरान की नेवी (Navy) को पूरी तरह तबाह कर दिया है। व्हाइट हाउस की तरफ से भी यह साफ कर दिया गया है कि अब ईरानी नेवी किसी भी तरह की लड़ाई लड़ने के काबिल नहीं रही है। यह कार्रवाई ‘Operation Epic Fury’ के तहत की गई है, जो पिछले 7 दिनों से चल रहा है।
समुद्र में अब तक क्या-क्या हुआ
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि शुक्रवार तक अमेरिका ने ईरान के 43 समुद्री जहाजों को या तो डुबो दिया है या पूरी तरह खराब कर दिया है। इस कार्रवाई में ईरान को भारी नुकसान हुआ है।
- बड़ा जहाज डूबा: इसमें ईरान का एक बहुत बड़ा जहाज ‘Shahid Bagheri’ शामिल है, जो एक ड्रोन कैरियर था। इसका साइज दूसरे विश्व युद्ध के एयरक्राफ्ट कैरियर जितना बड़ा था।
- श्रीलंका के पास हमला: श्रीलंका के तट के पास भी एक ईरानी युद्धपोत ‘IRIS Dena’ को अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबो दिया है।
- कड़ा संदेश: अमेरिका का कहना है कि उनका मिशन पूरी ईरानी नेवी को खत्म करना है और वे इसमें पीछे नहीं हट रहे हैं।
तेल के दाम और खाड़ी देशों पर असर
इस लड़ाई की वजह से दुनिया भर में तेल और गैस के दाम पिछले एक साल में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। Strait of Hormuz, जो तेल व्यापार के लिए बहुत अहम रास्ता है, वहां से जहाजों का आना-जाना 85% तक कम हो गया है।
- महंगाई का डर: सप्लाई चेन रुकने से चीजें महंगी हो सकती हैं, जिसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले आम लोगों और भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है।
- इंस्योरेंस की सुविधा: समुंद्री व्यापार को बचाने के लिए Trump ने ऐलान किया है कि अमेरिका कम कीमत पर जहाजों को ‘political risk insurance’ देगा ताकि तेल की सप्लाई न रुके।
अमेरिका की शर्त और आगे की योजना
राष्ट्रपति Trump ने साफ कहा है कि अब कोई डील नहीं होगी, जब तक ईरान ‘बिना शर्त सरेंडर’ (Unconditional Surrender) नहीं करता। उन्होंने कहा कि उनका मकसद अब ईरान में नेतृत्व बदलना और ‘Make Iran Great Again’ (MIGA) है।
सुरक्षा को देखते हुए मिडिल ईस्ट से अब तक 27,000 से ज्यादा अमेरिकियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सऊदी अरब और UAE जैसे देश भी इस संघर्ष में अमेरिका के साथ सहयोग कर रहे हैं, जिसमें UAE ने कई मिसाइलों को हवा में ही रोका है।





