अमेरिका में पाकिस्तानी आसिफ मर्चेंट दोषी करार, ट्रम्प की हत्या के लिए ईरान से ली थी सुपारी
अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने पाकिस्तानी नागरिक Asif Merchant को आतंकवाद और हत्या की सुपारी देने के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने पाया कि आसिफ ने ईरान के कहने पर पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की हत्या की साजिश रची थी। आसिफ को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था और अब मार्च 2026 में ज्यूरी ने उसे दोषी माना है। उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
हत्या का प्लान और गिरफ्तारी कैसे हुई?
जांच में सामने आया कि Asif Merchant अप्रैल 2024 में अमेरिका पहुंचा था। वहां उसने जून महीने में न्यूयॉर्क में कुछ लोगों से मुलाकात की, जिन्हें वह कॉन्ट्रैक्ट किलर समझ रहा था। असल में वे अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के अंडरकवर एजेंट थे। आसिफ ने उन्हें काम के लिए 5,000 डॉलर का कैश एडवांस भी दिया था।
उसने एजेंटों को बताया था कि काम में तीन चीजें शामिल होंगी: दस्तावेज चुराना, विरोध प्रदर्शन आयोजित करना और एक बड़े ‘राजनीतिक व्यक्ति’ की हत्या करना। उसने “फिंगर-गन” का इशारा करके हत्या की बात समझाई थी। उसका प्लान अमेरिका से बाहर जाने के बाद कोड वर्ड्स के जरिए हत्या का आदेश देने का था, लेकिन एयरपोर्ट पर भागने से पहले ही उसे पकड़ लिया गया।
कोर्ट में क्या खुलासे हुए?
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि आसिफ मर्चेंट पाकिस्तान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के संपर्क में आया था। उसे जासूसी और निगरानी से बचने की ट्रेनिंग दी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, यह साजिश 2020 में कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए रची गई थी।
आसिफ ने कोर्ट में उर्दू इंटरप्रेटर के जरिए अपनी सफाई में कहा कि ईरान ने उसके परिवार को धमकी दी थी, इसलिए वह यह काम करने को मजबूर हुआ। हालांकि, ज्यूरी ने उसकी दलील खारिज कर दी। आसिफ के निशाने पर Donald Trump के अलावा Joe Biden और Nikki Haley जैसे नेता भी चर्चा में थे।





