सऊदी अरब की मांग पर रविवार को अरब लीग की इमरजेंसी बैठक, ईरान के हमलों पर होगी चर्चा
अरब देशों के संगठन अरब लीग (Arab League) ने रविवार, 8 मार्च को एक बहुत ही जरूरी बैठक बुलाई है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी क्योंकि क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल ठीक नहीं है और कई देशों में हवाई अड्डे बंद चल रहे हैं। अरब लीग के अधिकारियों ने बताया है कि इस बैठक का मुख्य मकसद ईरान द्वारा कई अरब देशों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों पर चर्चा करना है।
बैठक में किन बड़े मुद्दों पर होगी बात?
अरब लीग के सहायक महासचिव होसाम ज़की (Hossam Zaki) ने जानकारी दी है कि यह इमरजेंसी बैठक सऊदी अरब की मांग पर बुलाई गई है। इसमें 22 देशों के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे। बैठक में इन मुख्य बातों पर चर्चा की जाएगी:
- सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देशों में हुए हमलों पर एक साथ मिलकर आवाज़ उठाना।
- ईरान के इन हमलों को रोकने के लिए एक साझा कूटनीतिक रास्ता निकालना।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) के नियमों के तहत दूसरे देशों की सीमा का सम्मान करने की बात रखना।
आम जनता और फ्लाइट्स पर इसका क्या असर है?
खाड़ी देशों में चल रहे इस तनाव का सीधा असर वहां रहने वाले भारतीयों और आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक हालात कुछ ऐसे हैं:
| प्रभाव | विवरण |
|---|---|
| फ्लाइट्स | Qatar Airways और अन्य क्षेत्रीय एयरलाइंस ने 8 मार्च तक अपनी उड़ानें रोक दी हैं। |
| पेट्रोल-डीजल | कच्चा तेल (Brent Crude) महंगा होकर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। |
| गैस के दाम | कतर से सप्लाई रुकने के कारण गैस की कीमतों में 50% तक की उछाल आई है। |
ईरान ने अपनी सफाई में क्या कहा?
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह अपने पड़ोसी देशों को निशाना बनाने के लिए ‘दुखी’ है। ईरान का कहना है कि यह हमले वहां मौजूद अमेरिकी ठिकानों की वजह से मजबूरी में किए गए हैं और उनकी अरब देशों से कोई सीधी दुश्मनी नहीं है। हालांकि, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और समुद्री व्यापार के लिए बीमा (War risk insurance) भी फिलहाल बंद कर दिया गया है।




