Kuwait में वीडियो बनाने या फोटो खींचने पर हो सकती है जेल, सरकार ने जारी की कड़ी चेतावनी
कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए एक बहुत ही जरूरी खबर सामने आई है। कुवैत के साइबर क्राइम विभाग ने 7 मार्च 2026 को एक सख्त चेतावनी जारी की है। अगर कोई भी व्यक्ति युद्ध, सैन्य गतिविधियों या मिसाइलों से जुड़े वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करता है, तो उसे भारी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी गलती करने वालों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अब तक 9 लोगों पर केस दर्ज भी हो चुका है।
किन चीजों को पोस्ट करने पर लगी है रोक?
कुवैत के आंतरिक मंत्रालय (MoI) और ECCCD ने साफ तौर पर कहा है कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में कुवैत की सेना ने 12 ड्रोन और 14 मिसाइलों को रोका है, जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला लिया गया है। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें।
मंत्रालय ने नीचे दी गई चीजों को पब्लिश या फॉरवर्ड करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है:
- मिसाइल हमलों, मलबे या मिलिट्री की गतिविधियों की फोटो या वीडियो।
- लड़ाई या सैन्य कार्रवाई का कोई भी लाइव फुटेज।
- बिना पुष्टि वाली खबरें या अफवाहें फैलाना।
- ऐसे वीडियो या फोटो जो समाज में नफरत या बंटवारा (Sectarianism) पैदा करें।
नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा?
यह चेतावनी खासकर प्रवासियों के लिए बहुत मायने रखती है। अधिकारियों ने बताया है कि जो भी इन नियमों को तोड़ेगा, उसे जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। कुवैती कानून के तहत ऐसे मामलों में 2,000 से 5,000 कुवैती दीनार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सजा तय की जाएगी।
प्रवासियों के लिए सबसे बड़ा खतरा यह है कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के आरोप में तुरंत देश से डिपोर्ट (Deport) किया जा सकता है। इसलिए कुवैत में रह रहे भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह से न्यूट्रल रहें। अगर आपको कहीं कोई मलबा या अजीब वस्तु दिखे तो उसकी फोटो लेने के बजाय तुरंत इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।





